शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचायत राज विभाग जनपदभर में 31 हजार पौधों का रोपण करेगा। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत पंचायत सचिवालयों, आरआरसी सेंटरों, सामुदायिक शौचालयों तथा तालाबों के आसपास बड़े पैमाने पर पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में हरित वातावरण को बढ़ावा देना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
यह जानकारी विकास भवन सभागार में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत सामुदायिक शौचालयों की महिला केयरटेकरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में दी गई। कार्यक्रम में अधिकारियों ने पौधारोपण को जन आंदोलन बनाने तथा प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने कहा कि स्वच्छता और सुरक्षित पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने महिला केयरटेकरों को पशुपालन के जरिए आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं स्वच्छ और विकसित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि पंचायत राज विभाग द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान संचालित किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत सचिवालय, रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी), सामुदायिक शौचालय और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत तालाबों के किनारों पर भी पौधारोपण किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।
महिला केयरटेकरों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का अभियान है। उपस्थित महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने का भी संकल्प लिया।
इससे पूर्व जिला स्वच्छता सलाहकार संदीप कुमार एवं आशीष सिंह ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्वच्छता के सात प्रमुख आयामों तथा सामुदायिक शौचालयों के प्रभावी संचालन में महिला केयरटेकरों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों क्षेत्रों में जनसहभागिता आवश्यक है।
कार्यक्रम में विकासखंड साढ़ौली कदीम के खंड स्वच्छता प्रेरक अजय कुमार, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) प्रदीप पुंडीर, खंड स्वच्छता प्रेरक अंकित कुमार सहित कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन देव भास्कर पांडेय ने किया।
अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 हजार पौधों का यह अभियान जनपद में हरित वातावरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में नई जागरूकता पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।








