शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति, सहारनपुर के तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता को समर्पित भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य इस वर्ष की वैश्विक थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए समर्पित, हमारे भविष्य के लिए प्रतिबद्ध” को जन-जन तक पहुंचाना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर विधायक राजीव गुंबर, पर्यावरणविद् ए.सी. पनेजा, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शुभम सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी संवेदना चौहान तथा क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ध्यानी मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स, छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित साइकिल रैली से हुई। रैली के माध्यम से लोगों को प्रदूषण कम करने, प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने हरित और स्वच्छ वातावरण के समर्थन में विभिन्न जागरूकता संदेश भी प्रसारित किए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण आधारित पहेली प्रतियोगिता, ट्रेजर हंट, ज्ञानवर्धक खेल, रचनात्मक गतिविधियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों के महत्व और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सुनेहरा कल संस्था एवं वर्क संस्था के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर जनजागरूकता अभियान चलाया।
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छता अभियान भी संचालित किया गया। प्रतिभागियों ने सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया और नागरिकों से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों को अपनाकर ही स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वृक्षारोपण अभियान रहा। मुख्य अतिथियों, विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवकों तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से एकल उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग कम करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, ऊर्जा की बचत करने और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
वन विभाग और जिला गंगा समिति के अधिकारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ प्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण और स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।








