शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। देवबंद में चर्चित भूमाफिया पिता-पुत्र के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद पुलिस ने दोनों की हिस्ट्रीशीट खोलते हुए उनके आपराधिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार बजरंग दल पश्चिम उत्तर प्रदेश के पूर्व विभाग संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि देवबंद के एक चर्चित पिता-पुत्र लंबे समय से भूमि कब्जाने, मारपीट, धमकी देने तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि दोनों सरकारी एवं निजी भूमि पर अवैध कब्जे कर निर्माण कार्य करा रहे हैं।
शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए सहारनपुर प्रशासन से रिपोर्ट तलब की और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का विवरण खंगालते हुए उनकी हिस्ट्रीशीट खोल दी। पुलिस अभिलेखों के अनुसार दोनों पर 12 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें अधिकांश मामले भूमि कब्जे, विवाद और धमकी से जुड़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की भी जांच कर रहा है। कुछ संपत्तियों के संबंध में नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि दोनों आरोपियों ने वर्षों से प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में अपना प्रभाव कायम कर रखा था, जिसके चलते कई मामलों में कार्रवाई अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाई। हालांकि इस बार मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है।
प्रभारी निरीक्षक कपिल देव ने बताया कि दोनों आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है और उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब लोगों की निगाहें आगामी कार्रवाई, संपत्तियों की जांच और प्रशासनिक निर्णयों पर टिकी हुई हैं।








