शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। एनसीसी निदेशालय लखनऊ के अधीनस्थ मेरठ ग्रुप की 83 उत्तर प्रदेश वाहिनी एनसीसी सहारनपुर द्वारा देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, बेरी जमापुर में आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (एटीसी-256) के आठवें दिन कैडेट्स को विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। दिन की शुरुआत पीटी परेड और योग अभ्यास के साथ हुई, जिसमें सभी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिविर के कैंप कमांडेंट एवं कमान अधिकारी कर्नल नविंदर सिंह मान (सेना मेडल) ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों और सिविल एजेंसियों से आने वाले विशेषज्ञों द्वारा दी जाने वाली जानकारियों को गंभीरता से सीखना चाहिए तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान सहारनपुर अग्निशमन विभाग से पहुंचे उपनिरीक्षक ऋषभ पंवार ने अग्नि सुरक्षा विषय पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से कार्य करने और प्राथमिक स्तर पर आग पर नियंत्रण पाने के तरीकों का प्रदर्शन किया। कैडेट्स को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई।
इसके बाद सहारनपुर पुलिस की साइबर सुरक्षा टीम ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग तथा डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता सत्र आयोजित किया। टीम ने कैडेट्स को साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना संबंधित विभाग को देने की सलाह दी।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे चीफ फायर ऑफिसर बृजेश पुंडीर ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सेवा भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कैडेट्स को ट्रैकिंग, ड्रोन प्रशिक्षण, पर्वतारोहण और अन्य साहसिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
व्यक्तित्व विकास एवं चरित्र निर्माण विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में कैप्टन डॉ. मनीष जायसवाल ने कैडेट्स को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है।
सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत कैप्टन सुभाष चंद्र के निर्देशन में कैडेट्स को संगीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अभ्यास कराया गया। वहीं खेलकूद गतिविधियों के दौरान लेफ्टिनेंट प्रवीण कुमार एवं हवलदार नरेंद्र कुमार की देखरेख में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें कैडेट्स ने उत्साह के साथ भाग लिया।
सूबेदार नक्षत्र और हवलदार देव सिंह ने कैडेट्स को टेंट लगाने और हटाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान शिविर जीवन में आवश्यक कौशलों और टीमवर्क के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। जसवीर सिंह ने हथियारों के साथ ड्रिल, कंपास प्वाइंट तथा .22 राइफल के संबंध में जानकारी प्रदान की। वहीं हवलदार गोविंद थापा ने मैप रीडिंग, दिशा ज्ञान और जीपीएस के उपयोग की तकनीकों से कैडेट्स को अवगत कराया।
शिविर में आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का उद्देश्य कैडेट्स के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देना रहा। अग्नि सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा सैन्य प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर के आठवें दिन आयोजित सभी गतिविधियां ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहीं, जिनसे कैडेट्स को भविष्य में उपयोगी अनुभव प्राप्त हुआ।








