शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में सोमवार को कोर्ट रोड स्थित एक कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित विकास परियोजना का विरोध करते हुए पर्यावरण, जैव विविधता और स्थानीय जनजातियों के संरक्षण की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार द्वीप में बड़े पैमाने पर जंगलों की कटाई की अनुमति दिए जाने से पर्यावरण संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही वहां की जैव विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा सकता है।
मनीष त्यागी ने कहा कि सरकार एक ओर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की बात करती है, जबकि दूसरी ओर हजारों पेड़ों की कटाई की अनुमति देकर अपने ही दावों का खंडन कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभावों का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी यह लड़ाई जारी रहेगी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता जावेद साबरी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की कीमत पर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने सेठ मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए जंगलों को कटवाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस प्रकार की परियोजनाओं पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो देश को पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।
जावेद साबरी ने कहा कि पर्यावरण केवल पेड़-पौधों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन, जलवायु, जल स्रोतों और जैव विविधता से सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाती रहेगी।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी और अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक संगठन या राजनीतिक दल की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश सचिव अशोक सैनी, प्रवीण चौधरी, सेवादल अध्यक्ष इमरान कुरैशी, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष चंद्रजीत सिंह, दुष्यंत राणा, सोनू पठान, गणेश दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, इकराम खान, अक्षय चौधरी, सलीम खान, सतीश कश्यप, नसीब खान, अमित शर्मा, राकेश मोहन शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में हस्ताक्षर कर प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और हरित विकास को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पर्यावरण और जनजातीय समुदायों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी तथा इस मुद्दे पर जनजागरण अभियान आगे भी जारी रहेगा।








