शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। रामपुर मनिहारान क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या की वारदात में नया मोड़ सामने आया है। मृतक शिवकुमार की पत्नी आकांक्षा ने दावा किया है कि हमलावरों का असली निशाना वह थीं और उन्हें बचाने के प्रयास में शिवकुमार को अपनी जान गंवानी पड़ी। आकांक्षा के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे मामले को नए सिरे से जांच रही है।
जानकारी के अनुसार शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए रामपुर मनिहारान लेकर गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोनों स्कॉर्पियो वाहन से वापस लौट रहे थे। आरोप है कि परीक्षा केंद्र से निकलने के कुछ समय बाद ही कुछ संदिग्ध युवक लगातार उनके वाहन का पीछा करने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परीक्षा केंद्र से करीब 500 मीटर की दूरी पर हमलावरों ने मौका मिलते ही स्कॉर्पियो को घेर लिया। उस समय हाईवे पर वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण वाहन की गति धीमी हो गई थी। इसी स्थिति का फायदा उठाकर हमलावरों ने हमला कर दिया। आकांक्षा का आरोप है कि पहले हमलावर उसकी ओर बढ़े, लेकिन शिवकुमार बीच में आ गए। इसके बाद हमलावरों ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
चार माह पहले किया था प्रेम विवाह
बताया जा रहा है कि शिवकुमार और आकांक्षा ने करीब चार महीने पहले प्रेम विवाह किया था। इस विवाह का युवती के परिवार ने विरोध किया था। आकांक्षा का कहना है कि शादी के समय ही उसके भाइयों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी थी। परिवार के विरोध के चलते दोनों गांव छोड़कर अलग रहने लगे थे।
अब आकांक्षा का आरोप है कि जिन धमकियों की बात उस समय कही गई थी, उसी साजिश को अंजाम देते हुए यह हत्या की गई है। उनका कहना है कि विवाह के बाद से लगातार दबाव और धमकियां मिल रही थीं, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि मामला हत्या तक पहुंच जाएगा।
परीक्षा केंद्र से ही शुरू हुआ था तनाव
पीड़ित परिवार का आरोप है कि परीक्षा के दौरान और परीक्षा केंद्र के बाहर आकांक्षा के भाइयों की मुलाकात दोनों से हुई थी। इस दौरान कथित रूप से कहासुनी भी हुई। बताया जाता है कि आकांक्षा के भाइयों ने उसे अपने साथ घर चलने के लिए कहा, लेकिन उसने स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
परिजनों का कहना है कि इसी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। आरोप है कि जाते समय कुछ लोगों ने आगे मिलकर बात करने की चेतावनी भी दी थी, जिससे उन्हें किसी अनहोनी की आशंका होने लगी थी।
पुलिस पर भी उठ रहे सवाल
शिवकुमार की हत्या के बाद परिजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद पुलिसकर्मियों को संभावित खतरे की जानकारी दी गई थी और सुरक्षा की मांग भी की गई थी। यदि उस समय पुलिस सतर्कता बरतती तो शायद इस वारदात को रोका जा सकता था।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपनी आशंका पुलिस के सामने रखी थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब घटना के बाद परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
सीसीटीवी और साक्ष्यों के आधार पर जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परीक्षा केंद्र से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ बाइक सवार युवक परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही स्कॉर्पियो का पीछा कर रहे थे। पुलिस उनकी पहचान करने और वारदात में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। वहीं इस हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।








