शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद ने भाजपा सरकार पर भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षण की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं में पीडीए (पिछड़ा, दलित एवं अल्पसंख्यक) वर्ग के 14,514 पदों की लूट की गई है। उन्होंने इसे संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
गुरुवार को अंबाला रोड स्थित सपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में चौधरी अब्दुल वाहिद ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नियुक्तियों के नाम पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया गया है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित वर्गों को उनका उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि 65 हजार शिक्षक भर्ती में भी आरक्षण नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया गया, जिसे लेकर स्वयं सरकार ने भी स्वीकार किया था कि भर्ती प्रक्रिया में त्रुटियां रही हैं। इसके अलावा वन एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, सहायक शिक्षक भर्ती, लेखपाल भर्ती, कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती, पशु चिकित्सक भर्ती, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती, चिकित्सा अधिकारी भर्ती तथा अन्य कई चयन प्रक्रियाओं में पीडीए वर्ग के पद प्रभावित हुए हैं।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तुत आंकड़े पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर तैयार की गई पीडीए ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार समाज को जाति और धर्म के आधार पर विभाजित कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को उसके कार्यों का जवाब देगी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती मिलेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, विधायक उमर अली खान, पूर्व विधायक माविया अली, महानगर अध्यक्ष नवाब अंसारी, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, ममता चौधरी, रमेश पंवार, चौधरी सलीम अख्तर, रतन यादव, चौधरी अब्दुल गफूर, प्रवक्ता एवं कार्यालय प्रभारी फैसल सलमानी, ताहिर हसन, चौधरी अब्बूबकर, मुस्तकीम राणा, काशिफ अल्वी, हसीन कुरैशी, फरहान खान, शाहिद मंसूरी, जिंदा हासन, वेदपाल पटनी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। :::








