फैय्याज अली आब्दी
नानौता/सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के नानौता कस्बे में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मध्यप्रदेश एटीएस, उत्तर प्रदेश एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान के तहत मोहल्ला अफगानान क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां चर्चा का विषय बन गईं।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई मध्यप्रदेश में दर्ज एक मामले की जांच के क्रम में की गई। जांच एजेंसियों को पहले गिरफ्तार किए गए एक संदिग्ध से पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं, जिसके आधार पर नानौता निवासी नईम अब्दुल्ला का नाम सामने आया। इसके बाद मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की एजेंसियों ने समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त कार्रवाई की।
शुक्रवार दोपहर सुरक्षा एजेंसियों की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोहल्ला अफगानान पहुंची। अधिकारियों ने संबंधित मकान की तलाशी ली और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के मुताबिक तलाशी के दौरान कुछ मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी बरामद की गई, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल उपकरणों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हो सकती हैं।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या मौके के आसपास एकत्र हो गई। अचानक हुई छापेमारी के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी जैसा माहौल देखने को मिला। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे अभियान को बेहद गोपनीय ढंग से संचालित किया और आधिकारिक स्तर पर सीमित जानकारी ही साझा की गई।
सूत्रों के अनुसार जांच का केंद्र कथित ऑनलाइन संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कुछ डिजिटल संवादों की पड़ताल पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और उनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था। इस मामले में विभिन्न राज्यों में भी जांच और पूछताछ की कार्रवाई जारी रहने की जानकारी सामने आ रही है।
खुफिया एजेंसियां, आतंकवाद निरोधक इकाइयां तथा अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सत्यापन के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसियों ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से परहेज किया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार हिरासत में लिया गया युवक अधिकांश समय घर पर ही रहता था और उसका सामाजिक दायरा सीमित बताया जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां उसके व्यक्तिगत, सामाजिक और डिजिटल संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। नानौता में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और समन्वित कार्यप्रणाली को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।








