शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सहारनपुर शाखा द्वारा दिल्ली रोड स्थित एक होटल के सभागार में यूपी आईएमए स्टेट वर्किंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। करीब 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सहारनपुर में आयोजित इस बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 150 चिकित्सकों ने भाग लिया। बैठक में चिकित्सकों के समक्ष आने वाली समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं यूपी आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव गोयल ने कहा कि सरकार को चिकित्सकों के पंजीकरण, फायर एनओसी और प्रदूषण एनओसी जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण चिकित्सकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने सरकार से चिकित्सकों के हितों की रक्षा करने और उनके उत्पीड़न को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी आईएमए के संरक्षक डॉ. शरद अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों का उत्पीड़न किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी चिकित्सक को किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है तो उसका समाधान करना आईएमए की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि यूपी आईएमए द्वारा संचालित ‘आओ गांव चले’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 84 गांवों को गोद लिया गया है, जहां स्वास्थ्य जागरूकता और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने का कार्य किया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में आईएमए के पूर्व अध्यक्षों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। किसी भी चिकित्सक का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने आईएमए द्वारा आयोजित बैठक की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
आईएमए सहारनपुर शाखा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि सहारनपुर शाखा के लिए यह गौरव की बात है कि उसे इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम की मेजबानी का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुछ लोग धन उगाही के उद्देश्य से चिकित्सकों को परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं, जिनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यक्रम सचिव डॉ. मंदीप सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संचालन आईएमए स्टेट सचिव डॉ. आशीष अग्रवाल एवं डॉ. रेणू शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव डॉ. नीरज आर्य, कोषाध्यक्ष डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. कलीम अहमद, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. डी.के. गुप्ता और डॉ. राहुल सिंह का विशेष योगदान रहा।
बैठक में आईएमए यूपी स्टेट कोषाध्यक्ष डॉ. वाणी कपूर, डॉ. आनंद प्रकाश, डॉ. रवीश अग्रवाल, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. वी.बी. जिंदल, डॉ. रविंद्र गोयल, डॉ. रवि मेहरा, डॉ. गुरमीत, डॉ. रजनीश दहूजा, डॉ. जयपाल चंद, डॉ. पंकज खन्ना, डॉ. भरत वार्ष्णेय, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ. पंकज गुप्ता, डॉ. संदीप गर्ग, डॉ. प्रशांत खन्ना, डॉ. रवि ठक्कर, डॉ. हिमांशु मेहता, डॉ. राजेश शर्मा तथा डॉ. रविकांत निरंकारी सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान चिकित्सकों के अधिकारों की रक्षा, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के समाधान को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। कार्यक्रम का समापन चिकित्सा सेवा को और अधिक सशक्त बनाने तथा चिकित्सकों के हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।








