अवैध रूप से संचालित जीवन ज्योति नशा मुक्ति केंद्र सील, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

सहारनपुर के मेघ छप्पर स्थित अवैध रूप से संचालित जीवन ज्योति नशा मुक्ति केंद्र को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सील कर दिया। केंद्र में 36 व्यक्ति भर्ती मिले। मानकों की अनदेखी पर की गई कार्रवाई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। जनपद में अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी के निर्देश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम मेघ छप्पर, अंबाला रोड स्थित अवैध रूप से संचालित ‘जीवन ज्योति नशा मुक्ति केंद्र’ को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान केंद्र में 36 व्यक्ति भर्ती पाए गए, जिन्हें केंद्र संचालक द्वारा अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार उक्त केंद्र लंबे समय से आवश्यक मानकों और नियमों की अनदेखी करते हुए संचालित किया जा रहा था। विभाग द्वारा पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर केंद्र संचालक को आवश्यक मानकों की पूर्ति करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए केंद्र को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील करने की कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान एनसीडी सेल की नोडल अधिकारी शिवांका गौड़ एवं जिला सलाहकार एनटीसीपी मुदस्सर अली ने पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया। कुतुबशेर थाना प्रभारी संतोष कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम में उपनिरीक्षक विजेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक आकाश तथा उपनिरीक्षक सुमन चाहर सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। संयुक्त टीम ने केंद्र का निरीक्षण करने के बाद सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-2017 के अंतर्गत संचालित होने वाले सभी नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण में पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही संस्थानों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम सुविधाएं एवं मानक भी पूरे करने होते हैं। जिन संस्थानों द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जनपद में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की जांच की जा रही है। यदि कोई केंद्र बिना वैध पंजीकरण अथवा आवश्यक मानकों के संचालन करता पाया गया तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर सील कर दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती व्यक्तियों को सुरक्षित, मानक एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को जनपद में अवैध रूप से संचालित संस्थानों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे संस्थानों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और कानून व्यवस्था दोनों सुनिश्चित की जा सकें।

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