शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगरायुक्त शिपू गिरि ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ग्रिड (सीएम ग्रिड) फेज-1 एवं फेज-2 के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रीन रोड परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगरायुक्त ने निगम अधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट तिराहे से लेकर थाना सदर और दीवानी तिराहे तक पैदल भ्रमण कर सीएम ग्रिड फेज-1 के तहत बनाई जा रही ग्रीन रोड का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच के लिए चार सैंपल लेने के निर्देश दिए। इनमें से एक सैंपल आईआईटी रुड़की, एक अन्य मान्यता प्राप्त लैब, एक ठेकेदार तथा एक नगर निगम के पास सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त ने सीवर लाइन को साफ कर उसे मुख्य लाइन से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही ईंटों, निर्माण सामग्री और अन्य तकनीकी मानकों की भी बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण सामग्री की पूर्व में लैब टेस्टिंग कराई जा चुकी है और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
अधिकारियों ने नगरायुक्त को बताया कि सड़क निर्माण के दौरान भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की पाइपलाइन के कारण बरसाती पानी की निकासी हेतु पाइप डालने में कठिनाई आ रही थी। इस पर नगरायुक्त ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में विभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है ताकि जनता को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे का शटडाउन दिया जा रहा है, जिससे विद्युत लाइन स्थानांतरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगरायुक्त ने पोल शिफ्टिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए ठेकेदार को 15 से 20 दिनों के भीतर पोल लगाने का कार्य पूरा करने को कहा।
शिपू गिरि ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद उसकी जल निकासी क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी डालकर जल निकासी व्यवस्था की जांच की जाएगी और बरसात के मौसम के बाद ही सड़क को अंतिम रूप से हैंडओवर किया जाएगा। इससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन का वास्तविक आकलन हो सकेगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाना सदर तिराहे के सौंदर्यीकरण के भी निर्देश दिए। साथ ही ग्रीन रोड के किनारे ऐसे पौधे लगाने को कहा जो सड़क को नुकसान न पहुंचाएं तथा पूरे वर्ष हरियाली बनाए रखें। उन्होंने कहा कि ग्रीन रोड केवल यातायात सुविधा ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शहर की सुंदरता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण परियोजना है।
इसके बाद नगरायुक्त ने आवास विकास क्षेत्र में सीएम ग्रिड फेज-2 के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रीन रोड परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार को प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ठेकेदार ने कार्यस्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि सीएम ग्रिड फेज-1 के अंतर्गत कलक्ट्रेट तिराहे से हकीकत नगर, आईएमए भवन और थाना सदर होते हुए दीवानी तिराहे तक ग्रीन रोड का निर्माण किया जा रहा है। वहीं फेज-2 के तहत जैन डिग्री कॉलेज रोड पर अनुपम स्वीट्स से जैन कॉलेज, आवास विकास होते हुए दिल्ली रोड तक आधुनिक ग्रीन रोड विकसित की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, महाप्रबंधक निर्माण सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, सहायक अभियंता मदन पाल, अवर अभियंता अनुज कुमार, अनूप कुमार तथा विद्युत विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। नगरायुक्त ने कहा कि शहर के विकास से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा कर जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।








