शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने की। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्रभावी निस्तारण किया जाए।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने किसानों को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन, उद्यानिकी, मधुमक्खी पालन तथा अन्य सहायक गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्र वर्मा ने खरीफ सीजन की तैयारियों पर विस्तार से जानकारी देते हुए किसानों को धान सहित प्रमुख खरीफ फसलों में संतुलित उर्वरकों के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों से भी किसानों को अवगत कराया ताकि फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके बचाव एवं टीकाकरण की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालकों से पशुओं को संतुलित आहार देने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की। साथ ही पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई।
जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधारने के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा की बुवाई करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इससे मिट्टी में जीवांश कार्बन की मात्रा बढ़ती है और भूमि की उर्वरता में सुधार होता है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए फल एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) के प्रतिनिधि आर.बी. वर्मा ने किसानों को सोलर पंप योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को 90 प्रतिशत तक अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे सिंचाई की लागत में भारी कमी लाई जा सकती है।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक गुंजन विश्वकर्मा ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इनके प्रयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उप कृषि निदेशक संदीप पाल ने किसानों को कार्बन क्रेडिट योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में इस योजना के माध्यम से किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी किसान जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, क्योंकि भविष्य में अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ इसी के माध्यम से दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जनपद के कृषि निवेश केंद्रों पर उर्द, मूंग, अरहर, ज्वार, बाजरा, कोदो, रागी (मड़वा) और सांवा जैसी फसलों के मिनीकिट निःशुल्क उपलब्ध हैं। किसान दर्शन पोर्टल पर पंजीकरण के बाद इनका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
किसान दिवस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, उप कृषि निदेशक संदीप पाल, जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. वीरेन्द्र वर्मा, जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, नेडा के आर.बी. वर्मा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह, जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं लगभग 50 किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। किसान दिवस का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना रहा।








