शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर ने सफाई मित्रों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 17 हजार 446 रुपये करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सफाई कर्मियों को प्रत्येक माह चार सवेतन साप्ताहिक अवकाश, ईपीएफ एवं ईएसआईसी की सुविधा तथा पांच लाख रुपये का अतिरिक्त दुर्घटना एवं मृत्यु बीमा भी प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को महापौर डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में शाकुंभरी सभागार में आयोजित नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए महापौर डॉ. अजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में आउटसोर्सिंग (सीएलसी) कर्मचारियों को 15 हजार 175 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। कार्यकारिणी ने इसमें उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे बढ़ाकर 17 हजार 446 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा लंबे समय से सफाई कर्मियों के वेतन में वृद्धि की मांग की जा रही थी। संगठनों ने 16 से 17 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने का सुझाव दिया था, लेकिन नगर निगम ने उनकी अपेक्षाओं से अधिक राहत देते हुए 17,446 रुपये मासिक वेतन स्वीकृत किया है।
महापौर ने कहा कि सफाई मित्र नगर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से उन्हें चार साप्ताहिक सवेतन अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा ईएसआईसी के साथ पांच लाख रुपये का अतिरिक्त दुर्घटना एवं मृत्यु बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि समग्र नगर स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मानकों के अनुरूप बड़ी संख्या में सफाई कर्मियों की भर्ती भी की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक माह सात तारीख से पूर्व कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान कर दिया जाए। शासन द्वारा भविष्य में की जाने वाली वेतन वृद्धि को भी तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
बैठक के दौरान पार्षदों द्वारा विभिन्न वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रश्न उठाए गए। इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक वार्ड में सड़क, नाले, क्षेत्रफल, जनसंख्या घनत्व और व्यवसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सफाई कर्मचारियों की संख्या निर्धारित की जाएगी, ताकि सभी क्षेत्रों में संतुलित और प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
कार्यकारिणी बैठक में उपसभापति मयंक गर्ग, दिग्विजय चौहान, मंसूर बदर, संजय सैनी, राजेंद्र कोहली सहित कई पार्षदों ने चर्चा में भाग लेते हुए नगर हित से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए।
बैठक में नगर निगम के अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई। वार्ड संख्या 40 स्थित गांधी पार्क गैराज क्षेत्र में पूर्व की भांति एक माह तक श्रीरामलीला आयोजन तथा गांधी पार्क क्षेत्र में पांच दिनों तक रावण दहन आयोजन के लिए व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इसके अलावा वार्ड संख्या 53 स्थित रायवाला के तिकोना पार्क का नामकरण पूर्व पार्षद रविसेन जैन की स्मृति में “श्री रविसेन जैन स्मृति उद्यान” किए जाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। नगर के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से खाताखेड़ी क्षेत्र में नगर निगम की 35 गुणा 42 वर्गमीटर भूमि पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना हेतु भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे भविष्य में चिलकाना रोड एवं आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यकारिणी ने नगर निगम सीमा क्षेत्र में संचालित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के व्यवसायिक शुल्क तथा सिनेमाघरों के शो टैक्स की दरों में भी मामूली संशोधन के साथ प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में पार्षद सलेकचंद, ज्योति अग्रवाल, फजलुर्रहमान, नूतन तोमर, शबाना परवीन और अनुज जैन सहित अन्य पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं सदन के समक्ष रखीं। महापौर डॉ. अजय कुमार एवं नगरायुक्त शिपू गिरि ने सभी विषयों पर विस्तार से जवाब देते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
नगर निगम की इस कार्यकारिणी बैठक में लिए गए निर्णयों को सफाई कर्मियों के कल्याण और नगर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि, बीमा सुरक्षा और सवेतन अवकाश जैसी सुविधाओं से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा बल्कि नगर की स्वच्छता व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।बैठक का संचालन सदन प्रभारी एवं सहायक नगरायुक्त जे.पी. यादव ने किया।








