शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही जनहानि को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन, अवैध कटों को बंद कराने तथा हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यालय सम्भागीय परिवहन अधिकारी में आयोजित बैठक में मंडलायुक्त ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई और नगर निगम के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि हेलमेट न पहनने, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने, शराब पीकर वाहन चलाने, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने, मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने तथा स्टंटबाजी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त कराने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाए। इसके लिए पुलिस विभाग को परिवहन विभाग के साथ नियमित रूप से डेटा साझा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया गया। दुर्घटना होने की स्थिति में चालक के लाइसेंस संबंधी जानकारी परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने तथा iRAD (eDAR) एप पर दुर्घटनाओं का पूर्ण विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए प्रत्येक थाने स्तर पर पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने की योजना पर भी चर्चा हुई।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एम्बुलेंस सेवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही 108 और 112 आपातकालीन सेवाओं के संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने को कहा गया।
बैठक में वर्षा ऋतु से पहले सड़कों पर मौजूद अवैध कटों को बंद करने, ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्य करने और आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। एनएचएआई, उपशा, पीडब्ल्यूडी तथा नगर निगम को संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से हरिद्वार-मुजफ्फरनगर मार्ग और जसमौर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा सुधार कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए।
मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक कार्रवाई का विषय नहीं है बल्कि जनजागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से स्कूली छात्रों, विशेषकर माध्यमिक और उच्च शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। चित्रकला, रंगोली, भाषण एवं अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक में नगर आयुक्त शिपू गिरी, पुलिस अधीक्षक यातायात सहारनपुर, मुजफ्फरनगर एवं शामली, लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, एनएचएआई के प्रतिनिधियों सहित ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में कमी लाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित सड़कें और अनुशासित यातायात व्यवस्था ही आमजन के जीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।








