सेंट जोसेफ्स स्कूल सहारनपुर में उत्साहपूर्वक मनाया गया योग दिवस

सेंट जोसेफ्स स्कूल सहारनपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और एनडीए छात्रों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सेंट जोसेफ्स स्कूल, सहारनपुर में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा एनडीए विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ योगाभ्यास के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ विभिन्न योग क्रियाओं में भाग लिया। विद्यालय परिसर योगमय वातावरण से सराबोर रहा और उपस्थित लोगों ने योग के महत्व को समझते हुए इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक मनोज ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराते हुए उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति का जीवन अधिक संतुलित और अनुशासित बनता है।

कार्यक्रम के दौरान सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, सुखासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, पद्मासन, अर्धचक्रासन तथा शवासन सहित अनेक योगासनों का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग के साथ योग क्रियाओं में भाग लिया और प्रशिक्षक द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन किया। मनोज ने बताया कि इन योगासनों से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं तथा एकाग्रता और मानसिक संतुलन विकसित होता है।

कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग की स्वयंसेविका रागिनी कौशल ने भी विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने प्रतिभागियों को थ्री-स्टेज प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा इसके महत्व और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राणायाम श्वास प्रक्रिया को नियंत्रित कर शरीर और मन को ऊर्जा प्रदान करता है तथा तनाव और चिंता को कम करने में सहायक होता है।

रागिनी कौशल ने शवासन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय की व्यस्त जीवनशैली में मानसिक तनाव एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में शवासन और ध्यान जैसी योग क्रियाएं व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और तनावमुक्त जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को नियमित रूप से प्राणायाम और ध्यान करने की सलाह दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों ने योग के विभिन्न आयामों को समझा तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। योग सत्र ने प्रतिभागियों को अनुशासन, आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और समग्र स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने भी योग के प्रति विशेष उत्साह दिखाया और इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की इच्छा व्यक्त की।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों का शारीरिक एवं मानसिक विकास भी अत्यंत आवश्यक है। योग विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखते हुए उनकी एकाग्रता और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। इसी उद्देश्य से विद्यालय समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।

कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय प्रबंधन का विशेष योगदान रहा। विद्यालय के संस्थापक अध्यक्ष एस. पी. एस. राणा, अध्यक्ष शिशिर सिंह राणा, प्रबंध निदेशक पूजा राणा तथा प्रधानाचार्या दीपाली के मार्गदर्शन और सहयोग से कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नियमित योगाभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को यह संदेश दिया गया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य