शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जानी-मानी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आंचल अग्रवाल ने कहा है कि नियमित योग और प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, मानसिक तनाव और असंतुलित खान-पान के कारण कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, ऐसे में योग एक प्रभावी बचाव उपाय साबित हो सकता है।
आवास विकास स्थित हरि मंदिर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. आंचल अग्रवाल ने कहा कि योग सीधे तौर पर कैंसर का उपचार नहीं है, लेकिन यह शरीर में ऐसा वातावरण तैयार करता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं के पनपने की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास और प्राणायाम से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जो शुरुआती स्तर पर असामान्य कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने में मदद करती है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकती है। अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे कोशिकाओं को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है। उन्होंने बताया कि कैंसर कोशिकाएं कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में तेजी से विकसित होती हैं, जबकि पर्याप्त ऑक्सीजन उनके विकास को बाधित करती है।
उन्होंने लोगों से प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट योग और प्राणायाम के लिए निकालने की अपील की। सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी को नियमित दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच कई गंभीर बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. आंचल अग्रवाल वर्तमान में जालंधर के पटेल कैंसर हॉस्पिटल में कैंसर विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर अपनाई गई स्वस्थ आदतें सबसे प्रभावी हथियार हैं।








