सहारनपुर: निर्माणाधीन बीएससी नर्सिंग कॉलेज का डीएम ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता में कमी पर कार्रवाई की चेतावनी

सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन 60 सीट क्षमता वाले बीएससी नर्सिंग कॉलेज भवन का जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने निरीक्षण किया। गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने और कमियां मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर में स्वास्थ्य एवं नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र को नई मजबूती देने जा रहे 60 सीट क्षमता वाले बी.एससी. नर्सिंग कॉलेज भवन के निर्माण कार्य का जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने सोमवार को स्थलीय निरीक्षण किया। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन इस महत्वपूर्ण परियोजना का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरा किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कार्यदायी संस्था यूपी सिडको द्वारा बनाए जा रहे नर्सिंग कॉलेज भवन का हस्तांतरण से पूर्व गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता तथा उपलब्ध सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की परीक्षण रिपोर्ट, गुणवत्ता परीक्षण अभिलेख, विजिटर बुक और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं, ताकि निर्माण की गुणवत्ता का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान कुछ तकनीकी एवं लघु कमियां भी सामने आईं, जिन पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के निर्माण में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कर भवन को पूर्ण रूप से हस्तांतरण योग्य बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे में निर्माणाधीन संस्थानों की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और तकनीकी गुणवत्ता के अनुरूप सुनिश्चित किए जाएं। यदि किसी स्तर पर गुणवत्ता में कमी या निर्माण संबंधी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नर्सिंग कॉलेज शुरू होने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे बल्कि स्थानीय युवाओं को भी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुधीर राठी, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति एवं शेष कार्यों की जानकारी भी दी।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर नर्सिंग कॉलेज भवन को जल्द से जल्द उपयोग के लिए तैयार किया जाए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में इसका लाभ विद्यार्थियों को मिल सके।

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