शहरी चौपाल ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले में पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए आरोपी की उपचार के दौरान मौत हो गई। आरोपी पर अपहरण, लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों सहित कई राज्यों में दर्जनों मुकदमे दर्ज थे।

मृतक आरोपी सतपाल उर्फ सत्तु
पुलिस के अनुसार 19 जून को थाना सिविल लाइन क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस ने एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल प्लाजा और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश शुरू की।
22 और 23 जून की रात पुलिस को सूचना मिली कि अपहरण का आरोपी शहर क्षेत्र में एक कार से घूम रहा है। सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की टीम सक्रिय हो गई। रामपुर तिराहे के पास चेकिंग के दौरान संदिग्ध ओरा कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक वाहन मोड़कर भाग निकला। पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोपी जंगल की ओर पहुंच गया।

पुलिस के अनुसार घिर जाने पर आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहन भी गोली लगने से क्षतिग्रस्त हुआ। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल हो गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, एक अवैध तमंचा, बड़ी संख्या में जिंदा और खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त कार, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, नकदी तथा अपहृत किशोरी की कान की बालियां बरामद की गईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि सतपाल उर्फ सत्तू चंडीगढ़ का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब तथा चंडीगढ़ में करीब तीन दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वह फरवरी 2026 में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था और उसके बाद लगातार विभिन्न राज्यों में अपराध कर रहा था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नाबालिगों के अपहरण और अन्य गंभीर अपराधों में सक्रिय था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस कार्रवाई को मुजफ्फरनगर पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मियों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।








