शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । दिल्ली रोड स्थित सेंट्रल पार्क कॉलोनी के गेट नंबर-1 के सामने चल रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) के क्षेत्रीय जूनियर इंजीनियर आलम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शिकायत मिलने के बावजूद उन्होंने निर्माण कार्य रुकवाने या मौके का निरीक्षण करने की कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण निर्माण लगातार आगे बढ़ता रहा।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, वहां न केवल बिना स्वीकृत मानचित्र के दो मंजिला व्यावसायिक भवन खड़ा कर दिया गया, बल्कि सार्वजनिक नाले और सड़क के हिस्से पर भी निर्माण किए जाने का आरोप है। लोगों के अनुसार निर्माणकर्ता ने नाले के ऊपर दीवार उठाकर तथा सड़क की ओर सीढ़ियां बनाकर सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर लिया है, जिससे आने वाले समय में जल निकासी और यातायात दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस मामले की जानकारी कई दिन पहले ही एसडीए के जूनियर इंजीनियर आलम को फोन के माध्यम से दी गई थी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार पहली बार जब सूचना दी गई थी तब भवन की पहली मंजिल भी पूरी तरह तैयार नहीं हुई थी और छत का निर्माण बाकी था। उस समय संबंधित अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद निर्माण कार्य तेजी से चलता रहा और अब भवन दो मंजिल तक तैयार हो चुका है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि दो बार फोन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बाद में जब दोबारा संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संबंधित अधिकारी ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसी कारण अब स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर शिकायत मिलने के बावजूद निर्माण कार्य कैसे जारी रहा और जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे रोकने का प्रयास क्यों नहीं किया।
निवासियों का कहना है कि उन्हें किसी व्यक्ति द्वारा दुकान बनाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सार्वजनिक नाले और सड़क पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि यदि आज ऐसे निर्माणों को खुली छूट दी जाएगी तो भविष्य में शहर की सड़कों और नालों पर अवैध कब्जों की संख्या और बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माणकर्ता ने जिस प्रकार नाले के ऊपर स्थायी ढांचा तैयार किया है, उससे बरसात के मौसम में जल निकासी प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा सड़क की ओर निकली सीढ़ियां और निर्माण सामग्री भी आम लोगों के आवागमन में बाधा बन सकती हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामला भविष्य में बड़ी समस्या का रूप ले सकता है।
मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण के सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, महापौर और नगर आयुक्त को भी शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह जांच केवल निर्माणकर्ता तक सीमित न रहकर उन अधिकारियों की भूमिका की भी होनी चाहिए जिन्हें समय रहते सूचना दी गई थी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शिकायत मिलने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचता और निर्माण कार्य लगातार आगे बढ़ता रहता है तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। लोगों ने मांग की है कि संबंधित अभिलेखों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि निर्माण के लिए स्वीकृत मानचित्र है या नहीं तथा नाले और सड़क पर किए गए निर्माण की वैधता क्या है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, मौके का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जाए। लोगों का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण के विरुद्ध अभियान तभी प्रभावी माना जाएगा जब शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।








