शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर वंदेमातरम मिशन एक चिंगारी ट्रस्ट द्वारा सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण का अनूठा अभियान चलाया गया। प्राचीन सिद्धपीठ श्री गौदेवी मंदिर गौशाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भीषण गर्मी में प्यास से परेशान पक्षियों के लिए 108 सेवा पक्षी बॉक्स (दाना-पानी पात्र) निःशुल्क वितरित किए गए, वहीं हजारों राहगीरों और श्रद्धालुओं को मीठे शर्बत का वितरण कर राहत पहुंचाई गई।
ट्रस्ट के संस्थापक शेरे हिन्द विजयकांत चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी विजय रोहित, समाजसेवी संजय कर्णवाल, महामंडलेश्वर धीरजानंद महाराज एवं महामंडलेश्वर अनिल कृष्ण कौदंड महाराज ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संगठनों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की।
भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के संरक्षण और उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 108 सेवा पक्षी बॉक्स लोगों को वितरित किए गए। उपस्थित लोगों ने इन बॉक्सों को अपने घरों की छतों, बालकनियों और पेड़ों पर लगाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं की सुरक्षा भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही मीठे शर्बत का निःशुल्क सेवा शिविर लगाया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगातार राहगीरों, श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को शीतल शर्बत वितरित किया गया। भीषण गर्मी के बीच इस सेवा शिविर ने लोगों को बड़ी राहत प्रदान की। आयोजन समिति के अनुसार करीब 10 हजार लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया।
शर्बत वितरण सेवा में कैप्टन सतीश शर्मा, रिटायर्ड मेजर विजेंद्र शर्मा, उर्मिला शर्मा, गौरक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोना पंडित, प्रवीण मोंगा, विवेक प्रताप सिंह राय, विष्णु गुप्ता, मयंक गेरा सहित अनेक समाजसेवियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने पूरे दिन श्रद्धाभाव के साथ सेवा कार्य को सफल बनाने में योगदान दिया।
इस अवसर पर विजयकांत चौहान ने कहा कि वंदेमातरम मिशन पिछले 15 वर्षों से निर्जला एकादशी पर जनसेवा और जीव सेवा के कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गर्मी के मौसम में अपने घरों के बाहर पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था अवश्य करें।
उन्होंने कहा कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। पक्षियों और जरूरतमंद लोगों की सहायता कर हम न केवल मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
निर्जला एकादशी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। उपस्थित लोगों ने ट्रस्ट के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय पहल बताया।








