शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (UPSGMC) की चौथी महत्वपूर्ण बैठक रविवार को सहारनपुर में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सिख समाज के प्रतिनिधियों, गुरुद्वारा प्रबंधकों और पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सिखों की स्वतंत्र पहचान, धार्मिक मर्यादा, सामाजिक एकजुटता, युवाओं के भविष्य और संगठन को मजबूत बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सहारनपुर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रदेश कोर कमेटी सदस्य सरदार गुरप्रीत सिंह बग्गा को वर्ष 2014 के सहारनपुर सिख दंगों के दौरान सिख समाज की निस्वार्थ सेवा, प्रशासनिक सहयोग और न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ‘नवाब कपूर सिंह सेवा अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
बैठक की शुरुआत महासचिव सुरिंदर पाल सिंह बख्शी ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने आगरा में आयोजित पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़ी और वर्तमान बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया।
प्रदेश अध्यक्ष हरविंदर सिंह लॉर्ड ने कहा कि संगठन उत्तर प्रदेश के सभी सिख समाज को एक मंच पर लाने के लिए कार्य करेगा। उन्होंने सिखों की स्वतंत्र धार्मिक पहचान बनाए रखने, आनंद कारज की मर्यादा का पालन कराने तथा समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने के लिए जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने उत्तराखंड में सिख समाज से जुड़े मामलों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश कोर कमेटी सदस्य गुरप्रीत सिंह बग्गा ने कहा कि सामाजिक और धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए सिख समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने गुरु परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज की एकता और सम्मान ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल सिंह ने सिख जनगणना और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया, जबकि प्रदेश कोर कमेटी सदस्य धर्मवीर सिंह बग्गा ने घोषणा की कि लखनऊ और कानपुर में 22 और 23 अगस्त से सिख युवाओं के लिए UPSC की निःशुल्क कोचिंग एवं काउंसलिंग शुरू की जाएगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष हरविंदर सिंह लॉर्ड ने सुजसबीर सिंह, प्रधान श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा, सहारनपुर को संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने संगठन को पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त करते हुए सिख समाज से धार्मिक सिद्धांतों के अनुरूप संगठित रहने का आह्वान किया।
बैठक में जनरल सेक्रेटरी अमनप्रीत सिंह ने युवाओं से संगठन से जुड़ने की अपील की, जबकि जीटीबीपी स्कूल के प्रबंधक सतविंदर सिंह माकन ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का स्मरण कर समाज को अपने अधिकारों और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में कानपुर, उन्नाव, बरेली, बिजनौर, धामपुर, शामली, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर सहित उत्तर प्रदेश के करीब 25 जिलों से आए सिख प्रतिनिधियों ने भाग लेकर संगठन को मजबूत बनाने और समाजहित के मुद्दों पर मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।








