शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । सहारनपुर नगर निगम बोर्ड बैठक में सोमवार को लाइसेंस शुल्क वृद्धि, आरा मशीनों की फीस, ब्लैकलिस्ट ठेकेदारों और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर ने कई जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए निगम प्रशासन और सदन का ध्यान आकर्षित किया।
मंसूर बदर ने प्रस्ताव संख्या-90 के तहत खाताखेड़ी हब की भूमि से 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए 1400 गज भूमि दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वुड कार्विंग जोन है और यहां बिजली उपकेंद्र बनने से भविष्य में किसी भी दुर्घटना की स्थिति गंभीर हो सकती है।
उन्होंने बड़ी आरा मशीनों के लाइसेंस शुल्क को 20 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये किए जाने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि वैश्विक परिस्थितियों और लकड़ी कारोबार पर पड़े आर्थिक प्रभाव को देखते हुए शुल्क में राहत दी जानी चाहिए। इस दौरान सदन में इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई। मंसूर बदर ने पार्षद समीर अंसारी, रईस पप्पू, महमूद हसन और इमरान सेफी का समर्थन के लिए आभार जताया।
बैठक में उन्होंने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए पुराने शहर में अलग जोन स्थापित करने, जलकल विभाग के एक कार्य के 4.20 लाख रुपये के अनुमानित खर्च की जांच कराने, निर्माण विभाग में ब्लैकलिस्ट ठेकेदारों के प्रभाव को समाप्त करने तथा कम दर पर टेंडर लेने वाले ठेकेदारों के कार्यों की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा वार्ड 43, 49, 62, 28, 70, 32, 31, 05 और 69 में ट्यूबवेल रिबोर, पुल कंबोह के पास नाले के निर्माण, स्मार्ट सिटी की योजनाओं, निगम कर्मचारियों के वेतन में असमानता, नजूल एवं तालाबों के ठेकों तथा ई-बस परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए गए।
महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने पार्षद द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बैठक में नगर आयुक्त शिपू गिरि सहित निगम के अधिकारी एवं सभी पार्षद उपस्थित रहे।








