शहरी चौपाल ब्यूरो
नई दिल्ली । हर महीने की तरह 1 जुलाई 2026 से देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की नई कीमतें लागू कर दी गई हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने इस बार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है, जबकि 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और छोटे व्यवसाय संचालकों को राहत मिलेगी, क्योंकि उनका संचालन मुख्य रूप से कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर रहता है। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस की कीमतों में राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

तेल कंपनियों के अनुसार कमर्शियल सिलेंडर के दाम में कटौती अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों और परिवहन लागत में आए बदलाव को देखते हुए की गई है। विभिन्न शहरों में कीमतों में मामूली अंतर स्थानीय करों और परिवहन व्यय के कारण रहेगा।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें यथावत रखी गई हैं। सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए किसी नई सब्सिडी या अतिरिक्त राहत की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है। उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार मिलने वाली सहायता जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल सिलेंडर सस्ता होने से होटल और खाद्य व्यवसाय की लागत कुछ कम होगी। यदि कारोबारी इसका लाभ ग्राहकों तक पहुंचाते हैं तो बाहर खाने-पीने की कुछ वस्तुओं की कीमतों पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
एलपीजी वितरण व्यवस्था में पहले से लागू डिजिटल सुविधाओं को भी और मजबूत किया जा रहा है। उपभोक्ता अब मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल भुगतान के माध्यम से गैस बुकिंग, डिलीवरी ट्रैकिंग और भुगतान की सुविधाओं का आसानी से लाभ उठा सकते हैं। गैस एजेंसियों को भी उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी और डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि गैस सिलेंडर प्राप्त करते समय उसकी सील, वजन और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों की जांच अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल संबंधित गैस एजेंसी या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।








