शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (गुर्जर आर्मी) ने राजस्थान के धौलपुर निवासी जगन गुर्जर और उनके रिश्तेदार काला गुर्जर की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह गुर्जर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि धौलपुर जिले की बाड़ी तहसील के भूतिपुरा गांव निवासी जगन गुर्जर ने पूर्व में अपराध का रास्ता छोड़कर प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और वह जोधपुर की हाई सिक्योरिटी जेल में सजा काट रहे थे। संगठन का आरोप है कि 19 जून 2026 को जेल में पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से सुनियोजित साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी गई। इसके लगभग 24 घंटे बाद उनके रिश्तेदार काला गुर्जर, जो करौली जेल में निरुद्ध थे, की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
गुर्जर महासभा का कहना है कि इन दोनों घटनाओं ने पूरे गुर्जर समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। संगठन ने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने से पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इसलिए पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराकर वास्तविक दोषियों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि गुर्जर समाज न्याय की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहा है। यदि सरकार जल्द ही सीबीआई जांच के आदेश जारी नहीं करती है तो देशभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने जगन गुर्जर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी विक्रम सिंह दुधाला, ओमी पंवार, एडवोकेट उपेंद्र गुर्जर, राजपाल सिंह, अनमोल धावड़ी, साधुराम, चौधरी सिताब सिंह, सतीश कुमार, संजय कुमार, एडवोकेट बिजेंद्र सिंह, अंकुर राठौर, चौधरी संदीप कुमार, एडवोकेट देवेंद्र चौहान, एडवोकेट आयुष चौधरी, छात्र नेता अनुप सिंह पंवार, डॉ. मुकेश, दिनेश चौधरी जंधेड़ी, डॉ. विजय पाल सिंह, चौधरी राजू माजरा, नवीन पंवार, करण चौहान, चौधरी अमर सिंह सहित बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग मौजूद रहे।








