शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । सहारनपुर मंडल के सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने आयुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अस्पतालों और अन्य चिकित्सा संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि सभी चिकित्सा संस्थानों में डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के अनुरूप अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, अलार्म सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल स्थापित किए जाएं, ताकि प्रत्येक संस्थान को समयबद्ध तरीके से फायर एनओसी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का सभी चिकित्सा संस्थानों में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। जिन अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्थाएं अधूरी हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा कराया जाए और नियमित निरीक्षण के माध्यम से इसकी निगरानी भी की जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं ने फायर सेफ्टी को अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अस्पतालों की फायर एनओसी, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा अधूरे कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी है, वहां आवश्यक सुधार कार्य जल्द से जल्द पूरे कराए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन रमेश यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी मुजफ्फरनगर डॉ. सुनील तेवतिया, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सहारनपुर प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








