शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत सहारनपुर में भी आबकारी विभाग ने होटल बारों की सघन जांच शुरू कर दी है। देर रात आबकारी विभाग की टीमों ने महानगर के विभिन्न होटल बारों का निरीक्षण कर लाइसेंस, स्टॉक और शराब परोसने की व्यवस्थाओं की गहन जांच की। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी निरीक्षक प्रथम राजेश कुमार मिश्र एवं आबकारी निरीक्षक राजकमल सिंह चौहान के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न होटल बारों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बार संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि ग्राहकों को केवल वैध और अधिकृत शराब ही परोसी जाए तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उप आबकारी आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया कि यह अभियान नियमित निगरानी का हिस्सा है और भविष्य में भी समय-समय पर इसी प्रकार की औचक जांच जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि विभाग को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि शहर के कुछ ढाबों और भोजनालयों में बिना किसी वैध लाइसेंस के शराब परोसी जा रही है, जिससे न केवल कानून का उल्लंघन हो रहा है बल्कि वैध लाइसेंसधारकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग अब ऐसे ढाबों और प्रतिष्ठानों की भी विशेष जांच करेगा। यदि कहीं बिना लाइसेंस शराब परोसने या अवैध शराब के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार रेलवे रोड, घंटाघर, लकड़ी का पुल, जेजेपुरम पुलिया, सर्किट हाउस रोड सहित शहर के कुछ क्षेत्रों में स्थित ढाबे आबकारी विभाग की निगरानी में हैं। विभाग इन स्थानों पर जल्द ही विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि शराब कारोबार को पूरी तरह पारदर्शी और वैधानिक बनाना भी है। इसके लिए होटल संचालकों और बार लाइसेंस धारकों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब बिक्री या बिना लाइसेंस शराब परोसे जाने की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत आबकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।








