शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, महिलाओं और सहकारी समितियों के सदस्यों को सहकारिता आंदोलन, डिजिटल भुगतान, स्वरोजगार और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ किसानों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता रजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न गांवों और सहकारी समितियों में गोष्ठियों, जागरूकता कार्यक्रमों तथा संवाद शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सहकारिता के सिद्धांतों, सामूहिक विकास और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 29 जून को जनपद की सभी बी-पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों) में सहकारिता के मूल सिद्धांतों एवं मूल्यों के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई गई। इसके बाद 1 जुलाई को महिला सशक्तिकरण अभियान चलाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ-साथ डेयरी, मत्स्य पालन और स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में 3 जुलाई को डिजिटल पेमेंट डे मनाया गया, जिसमें किसानों और समिति सदस्यों को डिजिटल लेन-देन अपनाने, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली का उपयोग करने तथा आधुनिक तकनीक से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। विभाग का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था अपनाने से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बी-पैक्स लिमिटेड सिकंदरपुर ने क्यूआर कोड के माध्यम से प्रदेश में सर्वाधिक डिजिटल लेन-देन का रिकॉर्ड बनाया है। इस उपलब्धि पर समिति के सचिव और सभापति को उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सहकारिता सप्ताह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ग्रामीण विकास का एक व्यापक अभियान है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं, सहकारी संस्थाओं की भूमिका और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान और महिलाएं सहकारी समितियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदार बनें।








