लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि जब सनातन, हिंदू धर्म और देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं, तब विपक्ष के प्रमुख नेता चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब ऐसे रवैये को समझ चुकी है और लोकतांत्रिक तरीके से उसका जवाब भी देती रहेगी।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से है। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीति करना या उन्हें कमजोर दिखाने का प्रयास कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि हिंदू समाज को कमजोर समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। उनके अनुसार, जब भी किसी सहयोगी या समर्थक द्वारा हिंदू देवी-देवताओं अथवा सनातन धर्म पर विवादित बयान दिए जाते हैं, तब विपक्षी नेतृत्व की चुप्पी उसके दोहरे चरित्र को उजागर करती है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने केवल चुनावी राजनीति नहीं की, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित करने का भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्विकास और विभिन्न धार्मिक स्थलों के संरक्षण के प्रयास भाजपा की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता के प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि यह विरासत पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान से मिली है, इसलिए इसे सुरक्षित रखना प्रत्येक राष्ट्रवादी नागरिक का दायित्व है।
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश भ्रष्टाचार, परिवारवाद, अपराध और माफिया संस्कृति के लिए चर्चा में रहता था, लेकिन पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। उनके अनुसार, आज उत्तर प्रदेश निवेश, आधारभूत ढांचे के विकास, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक परियोजनाओं और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन है। बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता ही पार्टी की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तथा मोहल्लों तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि जनता तक सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाना ही आने वाले समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
नितिन नबीन ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा पूरी मजबूती के साथ चुनावी तैयारियों में जुट चुकी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संगठन की एकजुटता, कार्यकर्ताओं की मेहनत और सरकार के विकास कार्यों के दम पर पार्टी एक बार फिर प्रचंड बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास और सुशासन की गति को लगातार आगे बढ़ाना है।
सम्मेलन के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं में भी उत्साह दिखाई दिया। संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक जनसंपर्क बढ़ाने और आगामी चुनावों की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने अभी से 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करना शुरू कर दिया है। वहीं विपक्ष पर किए गए तीखे हमलों को भी इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
लखनऊ में आयोजित इस सम्मेलन से भाजपा ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया कि पार्टी आने वाले चुनावों में संगठन, विकास और सांस्कृतिक मुद्दों को प्रमुख आधार बनाकर जनता के बीच जाएगी। वहीं विपक्ष पर लगाए गए आरोपों ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज होने की संभावना है।








