शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिले के प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार सुनील कुमार खुराना को उनकी उत्कृष्ट साहित्यिक प्रतिभा के लिए ‘साहित्य शिरोमणि सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मां शारदा साहित्यिक मंच, भोपाल द्वारा आयोजित ऑनलाइन राष्ट्रीय साहित्यिक प्रतियोगिता में उत्कृष्ट रचनात्मक योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से न केवल सहारनपुर बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साहित्य प्रेमियों में खुशी का माहौल है।

मां शारदा साहित्यिक मंच, भोपाल की ओर से 29 जून से 1 जुलाई 2026 तक आयोजित ऑनलाइन साहित्यिक प्रतियोगिता में देशभर के साहित्यकारों को ‘मालवा के संत’ विषय पर अपनी मौलिक एवं उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने भाग लिया, जिनमें सहारनपुर के कवि सुनील कुमार खुराना ने भी अपनी प्रभावशाली काव्य रचना प्रस्तुत की।
संस्था के निर्णायकों ने उनकी रचना को विषय की गहराई, भाषा की सरलता, भावों की प्रभावशीलता और साहित्यिक गुणवत्ता के आधार पर उत्कृष्ट माना। इसी के चलते उन्हें ‘साहित्य शिरोमणि सम्मान 2026’ से अलंकृत किया गया। सम्मान पत्र के साथ संस्था की ओर से उनके साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी प्रेषित की गईं।
सुनील कुमार खुराना लंबे समय से सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और मानवीय मूल्यों से जुड़े विषयों पर लेखन करते आ रहे हैं। उनकी कविताओं में लोकजीवन की संवेदनाएं और सामाजिक चेतना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यही कारण है कि उनकी रचनाएं विभिन्न साहित्यिक मंचों पर लगातार सराही जाती रही हैं।
हाल के वर्षों में भी उन्हें अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें काव्य प्रहरी सम्मान 2026, श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान 2026, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सम्मान 2026, विचार क्रांति धरती मित्र सम्मान 2026, प्रेरणा स्रोत साहित्य सम्मान 2026, गीत गौरव सम्मान 2026, ग्रीष्म गौरव सम्मान 2026, साहित्यिक गुरुकुल वशिष्ठ सम्मान 2026 तथा पर्यावरण मित्र सम्मान 2026 सहित कई राष्ट्रीय स्तर के सम्मान शामिल हैं।
साहित्य जगत के लोगों का कहना है कि सुनील कुमार खुराना की यह उपलब्धि सहारनपुर की साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने वाली है। उनकी निरंतर साहित्य साधना और सामाजिक विषयों पर लेखन युवा रचनाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
सम्मान प्राप्त होने पर सुनील कुमार खुराना ने इसे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सहारनपुर की साहित्यिक संस्कृति का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण एवं गंभीरता के साथ साहित्य सृजन करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने पाठकों, साहित्य प्रेमियों तथा मां शारदा साहित्यिक मंच को दिया, जिन्होंने उनकी रचना को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया।








