शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहारनपुर परिवहन विभाग ने मंगलवार को विशेष जांच अभियान चलाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र और देवबंद में चलाए गए अभियान के दौरान 7 स्कूली वाहनों के चालान किए गए, जबकि 5 बसों को विभिन्न थानों में सीज कर दिया गया।

अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, टैक्स, बीमा, सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की। जिन वाहनों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, उनके खिलाफ तत्काल मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान देवबंद थाना क्षेत्र में संस्कार भारती स्कूल की दो बसों तथा एक अन्य स्कूल बस को तलहेड़ी पुलिस चौकी पर सीज किया गया। वहीं रामपुर मनिहारान क्षेत्र में एक बस को चुनहेटी पुलिस चौकी में निरुद्ध किया गया।
अभियान के दौरान थाना नागल क्षेत्र में रेलवे रोड स्थित आदर्श विद्या निकेतन के विद्यार्थियों को ले जा रही एक बस की जांच में फिटनेस, परमिट, टैक्स सहित कई आवश्यक दस्तावेज समाप्त पाए गए। इसके बाद बस को नगर निगम अंबाला रोड पार्किंग में निरुद्ध कर दिया गया।
परिवहन अधिकारियों ने जब संबंधित विद्यालय का निरीक्षण किया तो प्रथम दृष्टया विद्यालय का भवन एवं बुनियादी ढांचा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहारनपुर को विद्यालय के विरुद्ध आवश्यक दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। साथ ही विद्यालय की जर्जर स्थिति एवं सुरक्षा संबंधी कमियों की जानकारी थाना नागल को भी लिखित रूप से उपलब्ध कराई गई।
अभियान में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संदीप जायसवाल तथा यात्री/मालकर अधिकारी वी.वी. शुक्ला सहित प्रवर्तन दल के अन्य अधिकारी शामिल रहे।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों तथा मोटर वाहन अधिनियम के सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के बाद ही स्कूली वाहनों का संचालन करें।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों एवं वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








