शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से लोगों को सुरक्षित रखने और सामुदायिक स्तर पर आपदा प्रबंधन क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने सहारनपुर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पूर्व मानसून तैनाती (Pre-Monsoon Deployment) के तहत 8वीं वाहिनी NDRF की 8 (N) टीम ने बेहट तहसील के नेहरू इंटर कॉलेज, कलसिया में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए विशेष आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार (First Aid) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व उप निरीक्षक बनवारी लाल ने किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से त्वरित एवं सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना था।
प्रशिक्षण के दौरान NDRF विशेषज्ञों ने रक्तस्राव रोकने (Bleeding Control), घायल व्यक्ति के हाथ-पैर को सुरक्षित रखने के लिए स्प्लिंटिंग (Splinting), कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR), श्वासनली अवरोध (FBAO) की स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक तथा घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की आपातकालीन एवं सामान्य निकासी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।
इसके साथ ही मानसून के दौरान आने वाली बाढ़ की परिस्थितियों में स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर अस्थायी बचाव उपकरण (Flood Improvised Devices) तैयार करने का भी प्रशिक्षण दिया गया। NDRF टीम ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही तकनीक अपनाकर कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में सर्पदंश, आकाशीय बिजली, तेज आंधी-तूफान, डूबने की घटनाओं तथा अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि आपदा के समय अफवाहों से बचते हुए प्रशासन और राहत एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होता है।
NDRF टीम ने सभी तकनीकों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी प्रस्तुत किया, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने व्यवहारिक रूप से जीवनरक्षक तकनीकों को समझा और उनका अभ्यास किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा आपदा की स्थिति में स्वयं और दूसरों की सहायता करने के तरीकों को सीखा।
NDRF अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान जनजागरूकता सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है। यदि प्रत्येक नागरिक प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन के मूलभूत सिद्धांतों से परिचित हो जाए तो किसी भी आपदा में जनहानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान मानसून अवधि में भी विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा सार्वजनिक संस्थानों में लगातार जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को आपदा के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित बनाया जा सके।








