श्री कांत शर्मा
गागलहेड़ी (सहारनपुर)। श्रावण मास की शुरुआत के साथ भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लंबी दूरी के कांवड़ियों की आवाजाही तेज हो गई है। हरियाणा, राजस्थान और अन्य राज्यों के श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। कांवड़ मार्ग पर शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, लेकिन कई स्थानों पर अभी तक सड़क मरम्मत और अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं।
हरियाणा के कैथल निवासी अंकुश और संगम, जो कक्षा 12 के छात्र हैं, हरिद्वार से क्रमशः 61 और 41 लीटर गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे हैं। संगम ने बताया कि उनके परिवार की भगवान शिव में गहरी आस्था है और भोलेनाथ की कृपा से परिवार की सुख-समृद्धि बनी हुई है। इसी श्रद्धा के चलते वे हर वर्ष कांवड़ यात्रा कर गंगाजल लाते हैं।
वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी भारत और विकास भी पहली बार विशेष संकल्प के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। उन्होंने गौ संरक्षण और लोककल्याण की कामना के साथ 4 जुलाई को कांवड़ यात्रा प्रारंभ की थी। भारत ने बताया कि वे 11 अगस्त को श्रीगंगानगर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे और यह उनके क्षेत्र की पहली कलश कांवड़ होगी।
श्रावण मास में शिव चतुर्दशी और सावन के सोमवारों पर जलाभिषेक के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। अब लंबी दूरी के कांवड़ियों की वापसी शुरू होने से कांवड़ मार्गों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालु पूरे मार्ग में “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने के बावजूद कई स्थानों पर सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हुई हैं। कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और संकेतक बोर्ड जैसी सुविधाओं को भी समय रहते पूरा किया जाना चाहिए। लोगों का मानना है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं, इसलिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर व्यवस्थाएं समय से पूरी करनी चाहिए।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं और यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।
शिवभक्तों ने प्रशासन से अपील की है कि कांवड़ मार्गों को शीघ्र गड्ढामुक्त कराया जाए, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए तथा चिकित्सा एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।








