शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने और उनके विद्यालय, महाविद्यालय तथा प्रशिक्षण संस्थानों तक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक नई पहल शुरू की है। योजना के तहत पात्र दिव्यांग छात्राओं को 65 हजार रुपये तक की निःशुल्क ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने पात्र छात्राओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए है जो वर्तमान में स्कूल, कॉलेज, प्रशिक्षण संस्थान, पुस्तकालय, प्रयोगशाला अथवा छात्रावास में अध्ययनरत हैं और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी अथवा हीमोफीलिया जैसी दिव्यांगता से पीड़ित हैं। योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिनकी दृष्टि एवं मानसिक स्थिति सामान्य हो, कमर के ऊपर का भाग स्वस्थ हो तथा वे अपने हाथों से ई-ट्राईसाइकिल का संचालन करने में सक्षम हों।
उन्होंने बताया कि पात्रता का अंतिम निर्धारण मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तथा विभागीय तकनीकी समिति द्वारा किए जाने वाले शारीरिक सत्यापन के आधार पर होगा। समिति छात्रा की शारीरिक क्षमता का परीक्षण कर यह सुनिश्चित करेगी कि वह ई-ट्राईसाइकिल चलाने के लिए उपयुक्त है या नहीं।
योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। प्रत्येक छात्रा को अपने विद्यालय, महाविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य द्वारा जारी अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा संबंधित संस्थान से इसकी पुष्टि भी कराई जाएगी।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए यह भी आवश्यक है कि छात्रा अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता न हो। चयन प्रक्रिया में सबसे पहले गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे जीवनयापन करने वाली पात्र छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि निर्धारित लक्ष्य के बाद भी सीटें शेष रहती हैं तो दिव्यांगता की गंभीरता और आय के आधार पर अन्य पात्र छात्राओं का चयन किया जाएगा।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि जनपद की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 20 ई-ट्राईसाइकिलों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आवेदन के लिए दिव्यांग प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड अथवा आयु प्रमाण-पत्र (16 वर्ष या उससे अधिक आयु), अध्ययन प्रमाण-पत्र, पिता का आय प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र तथा जाति प्रमाण-पत्र आवश्यक होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी शिक्षा में आने वाली आवागमन संबंधी बाधाओं को दूर करना तथा उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। योजना का लाभ लेने की इच्छुक छात्राएं किसी भी कार्य दिवस में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, सहारनपुर से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
सरकार की इस पहल से जिले की सैकड़ों दिव्यांग छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विभाग ने पात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि सभी आवश्यक दस्तावेज समय से तैयार कर ऑनलाइन आवेदन अवश्य करें, ताकि निर्धारित लक्ष्य के अंतर्गत अधिक से अधिक छात्राएं योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।








