मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। मानसून की तेज बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं सहारनपुर नगर निगम के वार्ड संख्या-33 की अनुराग विहार कॉलोनी और सेंट्रल पार्क कॉलोनी क्षेत्र में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। दिल्ली रोड स्थित इस इलाके में खुले नाले का गंदा पानी आसपास के खाली प्लॉटों और रिहायशी क्षेत्र में भर जाने से हालात गंभीर बने हुए हैं। सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब कॉलोनी के छोटे-छोटे बच्चे बारिश में भीगते हुए महापौर से नाला निर्माण और सफाई कराने की गुहार लगाने सामने आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बन जाती है। नाले की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बरसाती पानी के साथ नाले का गंदा पानी प्लॉटों और गलियों में भर जाता है। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं मच्छरों के प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
कॉलोनी के बच्चों ने भावुक अपील करते हुए कहा कि बारिश के समय उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। कई स्थानों पर पानी इतना भर जाता है कि गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। बच्चों ने महापौर से आग्रह किया कि क्षेत्र में स्थायी नाला बनवाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित कराई जाए, ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वार्ड की इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही हर साल यही स्थिति पैदा हो जाती है और प्रशासनिक स्तर पर केवल औपचारिक कार्रवाई तक ही सीमित रह जाती है।
वार्डवासियों ने वार्ड-33 की पार्षद किरण चौधरी पर भी क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जलभराव, नाला निर्माण और सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद प्रतिनिधि अपने निजी कारोबार में अधिक व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण वार्ड की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पाते। हालांकि, इस संबंध में पार्षद का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले का निर्माण और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो आगामी दिनों में लगातार बारिश के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने, नालों की गाद निकलवाने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
कॉलोनी के बुजुर्गों का कहना है कि विकास कार्यों के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि यदि छोटे-छोटे बच्चों को अपनी समस्या लेकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, तो यह स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्षेत्रवासियों ने महापौर और नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि वार्ड-33 को प्राथमिकता के आधार पर जलभराव मुक्त बनाया जाए, पक्का नाला बनाया जाए तथा नियमित सफाई व्यवस्था लागू की जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।








