Saharanpur News: राम मंदिर दान मामले पर कांग्रेस का हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

सहारनपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने राम मंदिर दान मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग की। जानिए प्रेस वार्ता की प्रमुख बातें।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। राम मंदिर दान मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच शनिवार को सहारनपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं, इसलिए उनके नाम पर प्राप्त दान और चढ़ावे के प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

प्रेस वार्ता में अनुमा आचार्य ने कहा कि कथित एसआईटी जांच में सामने आए तथ्यों और विभिन्न स्तरों पर हुई कार्रवाई के बाद कई गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। उनका कहना था कि यदि पूरे मामले में कोई अनियमितता नहीं हुई है तो स्वतंत्र न्यायिक जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि शीर्ष स्तर की जवाबदेही तय नहीं की गई है। कांग्रेस का कहना है कि दान और चढ़ावे से जुड़े पूरे वित्तीय प्रबंधन का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि सभी तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आ सकें।

राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़े विषय के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि धार्मिक संस्थानों में प्राप्त दान का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि एवं पूर्व विधायक मसूद अख्तर ने भी कहा कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है और यदि किसी प्रकार के आरोप लगे हैं तो उनका निष्पक्ष परीक्षण होना चाहिए।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे। साथ ही दान, चढ़ावे और अन्य वित्तीय लेन-देन का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग दोहराई गई।

प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश महासचिव अरविंद पालीवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता जावेद साबरी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, महानगर उपाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, सेवादल जिला अध्यक्ष इमरान कुरेशी, अमित शर्मा, इरशाद चौधरी, मयंक शर्मा, गुलफाम अंसारी, जिला सचिव कुणाल शांडिल्य, नसीब खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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