शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई द्वारा शनिवार को रेलवे रोड स्थित व्यापार मंडल मुख्यालय में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों पर गंभीर चर्चा करते हुए प्रभावी जनसंख्या नीति लागू करने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टंडन तथा जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1989 से प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई 1987 को विश्व की जनसंख्या 5 अरब थी, जो आज बढ़कर 8 अरब से अधिक हो चुकी है।
शीतल टंडन ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि आज भी दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। बढ़ती आबादी के कारण बेरोजगारी, भूखमरी, संसाधनों की कमी, पर्यावरण प्रदूषण और विकास की गति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व का केवल 2.4 प्रतिशत भूभाग और लगभग 4 प्रतिशत जल संसाधन हैं, जबकि दुनिया की लगभग 18 प्रतिशत आबादी भारत में निवास करती है। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग और जनसंख्या नियंत्रण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के समय देश की जनसंख्या लगभग 36 करोड़ थी, जबकि आज यह 140 करोड़ से अधिक हो चुकी है। वहीं सहारनपुर जनपद की जनसंख्या भी पिछले दस वर्षों में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 40 लाख के पार पहुंच गई है। लगातार बढ़ती आबादी के साथ वाहनों की संख्या और संसाधनों पर दबाव भी बढ़ रहा है, जिससे पर्यावरणीय समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं।
शीतल टंडन ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 25 से 35 वर्ष आयु वर्ग की है। यह भारत की सबसे बड़ी ताकत भी है और चुनौती भी। यदि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो सामाजिक एवं आर्थिक समस्याएं और बढ़ेंगी।
उन्होंने प्रसिद्ध विचारक गार्नर का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की जनसंख्या उसके उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप होनी चाहिए। आवश्यकता से अधिक जनसंख्या किसी भी देश के विकास में बाधा बन जाती है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि राष्ट्रहित के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र और राज्य स्तर पर जनसंख्या परिषद गठित करने, अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन योजनाएं बनाने तथा वर्षभर जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और नागरिक समाज की भागीदारी को भी जनसंख्या नियंत्रण के लिए जरूरी बताया।
बैठक में जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, पवन गोयल, बलदेव राज खुंगर, रमेश डावर, भोपाल सिंह सैनी, अनिल गर्ग, संजय महेश्वरी, राजीव अग्रवाल, अभिषेक भाटिया, मुरली खन्ना, संजीव सचदेवा, संदीप सिंघल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।








