शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद (सहारनपुर)। लगातार हो रही बारिश और उत्तराखंड क्षेत्र से प्राकृतिक बहाव के साथ आए पानी ने देवबंद तहसील के ग्रामीण इलाकों में हालात चिंताजनक बना दिए हैं। बचीटी समेत 12 से अधिक गांव जलभराव की चपेट में आ गए हैं। खेतों में कई फीट तक पानी भर जाने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।
सबसे अधिक प्रभावित गांवों में बचीटी, महमूदपुर, नन्हेड़ा टिपटान, फलौदा, जगदेई सहित आसपास के कई गांव शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण खेत पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गए हैं। कई स्थानों पर पानी खेतों से निकलकर संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित होने लगा है।
किसानों ने बताया कि धान, गन्ना और अन्य मौसमी फसलों वाले खेतों में कई फीट तक पानी जमा हो गया है। यदि जल्द ही जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं। कई किसानों का कहना है कि वे अपने खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे स्थिति का सही आकलन करना भी मुश्किल हो गया है।
बारिश और जलभराव के कारण ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के दौरान ऐसी समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है। इस बार उत्तराखंड क्षेत्र से आए अतिरिक्त पानी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस ने जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों और तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने की सलाह दी है। साथ ही अभिभावकों से बच्चों को पानी के आसपास नहीं जाने देने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन अथवा पुलिस को देने की अपील की गई है।
प्रभावित गांवों के किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराने, खेतों से पानी निकालने के लिए पंप और अन्य संसाधनों की व्यवस्था करने तथा फसल क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते राहत कार्य शुरू नहीं किए गए तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव के अतिरिक्त इंतजाम भी किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।








