शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल महानगर इकाई की बैठक में जनपद के व्यापारिक भविष्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सहारनपुर को उत्तराखंड में शामिल करने की मांग जोरदार ढंग से उठाई गई। व्यापारियों का कहना है कि यदि सहारनपुर के व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति देनी है तो इस मुद्दे पर अब गंभीर राजनीतिक पहल आवश्यक है।

स्थानीय व्यापार भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ महामंत्री सरदार सुरेंद्र मोहन सिंह चावला ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में व्यापारी एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए विवेक मनोचा ने कहा कि सहारनपुर का व्यापार लगातार गिरावट की ओर बढ़ रहा है और वर्तमान समय में कारोबार अपने सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय सहारनपुर उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के व्यापार का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन उत्तराखंड राज्य बनने के समय सहारनपुर को उसमें शामिल न किए जाने का सबसे अधिक नुकसान यहां के व्यापारियों को उठाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद देशभर में व्यापार करना पहले की तुलना में आसान हुआ है, लेकिन पड़ोसी राज्यों के ग्राहक अब सहारनपुर का रुख नहीं कर रहे हैं। इसका सीधा असर स्थानीय बाजार, थोक कारोबार और छोटे व्यापारियों की आय पर पड़ा है। व्यापारियों के सामने लगातार आर्थिक चुनौतियां बढ़ रही हैं।
विवेक मनोचा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में सहारनपुर के व्यापार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देना चाहती है तो सहारनपुर को उत्तराखंड अथवा हरियाणा में शामिल किए जाने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे व्यापारियों की आवाज को विधानसभा और संसद तक मजबूती से पहुंचाएं तथा इस मुद्दे को जनहित के बड़े आंदोलन का रूप दें।

बैठक में महानगर महामंत्री पुनीत चौहान, महानगर कोषाध्यक्ष सुधीर मिगलानी, प्रदेश संगठन मंत्री यशपाल मैनी, महेश नारंग, कृष्ण लाल ठक्कर, आर.के. मल्होत्रा, राम राजीव सिंघल, मंडल अध्यक्ष संजय भसीन, प्रांतीय संगठन मंत्री अशोक छाबड़ा, आईटी अध्यक्ष राजीव मदान, प्रांतीय युवा उपाध्यक्ष राजकुमार विज, युवा चेयरमैन दीपक खेड़ा, युवा अध्यक्ष अनुभव शर्मा, युवा महामंत्री कुबेर नरूला, युवा कोषाध्यक्ष विनीत चौहान सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।








