Meerut Kanwar Yatra 2026: एडीजी भानु भास्कर का बड़ा निर्देश, ड्रोन-सीसीटीवी से होगी निगरानी, कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट तय

मेरठ में कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। एडीजी भानु भास्कर ने ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी, रूट डायवर्जन, शिविरों की स्वच्छता और कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट तय करने के निर्देश दिए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

मेरठ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी अविनाश पांडेय ने सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार पूरी कांवड़ यात्रा पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जबकि डाक कांवड़ और डीजे वाहनों की अधिकतम ऊंचाई 10 से 12 फीट तथा ध्वनि सीमा 75 डेसिबल निर्धारित की गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक के बाद एडीजी भानु भास्कर ने पुलिस लाइन स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग के प्रत्येक संवेदनशील स्थान पर आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

रूट डायवर्जन समय से लागू करने के निर्देश

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए एडीजी ने भारी और हल्के वाहनों के लिए समय रहते रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में जिन स्थानों पर जाम या अन्य समस्याएं सामने आई थीं, उन्हें इस बार पहले से चिन्हित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव को विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने और समय पर लागू करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं दोनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर

समीक्षा बैठक में एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले, एसपी देहात अभिजीत कुमार, सभी सर्किल अधिकारियों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा के दौरान असामाजिक और शरारती तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिविरों की स्वच्छता और बिजली सुरक्षा पर विशेष जोर

एडीजी ने कांवड़ मार्ग पर लगने वाले शिविरों, ढाबों और विश्राम स्थलों पर स्वच्छता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही बिजली विभाग को सभी बिजली के खंभों पर सुरक्षा के लिए पन्नी चढ़ाने तथा आवश्यक मरम्मत समय रहते पूरी करने को कहा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

12 फीट ऊंचाई और 75 डेसिबल की सीमा तय

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन के समन्वय से इस बार कांवड़ यात्रा के लिए विशेष मानक तय किए गए हैं। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि डाक कांवड़ और डीजे वाहनों की अधिकतम ऊंचाई 10 से 12 फीट निर्धारित की गई है, जबकि ध्वनि की अधिकतम सीमा 75 डेसिबल रहेगी। इन मानकों का पालन अनिवार्य होगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के बाद एडीजी भानु भास्कर ने डीआईजी कलानिधि नैथानी के साथ हापुड़ पहुंचकर वहां के कंट्रोल रूम और कांवड़ यात्रा की तैयारियों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार तकनीक, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और कड़ी निगरानी के जरिए कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर विशेष फोकस रहेगा।

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