प्रमोद शर्मा
छुटमलपुर। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ और महाकवि कालिदास जयंती के अवसर पर फतेहपुर स्थित कांबोज धर्मशाला परिसर में आयोजित ‘वंदे मातरम् : अलख आजादी की’ नाट्य महोत्सव ने देशभक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अनूठी छटा बिखेरी। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) नई दिल्ली, संगीत नाटक अकादमी तथा जिला शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रक्षा नामदेव, गन्ना समिति टोडरपुर के अध्यक्ष मुल्की राज सैनी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेन्द्र शर्मा, डॉ. देवेन्द्र सैनी, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष मंजू शर्मा, संजय राणा तथा समाजसेवी नीरज जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
नाट्य महोत्सव में कस्बे के परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं मानसी ग्रुप के कलाकारों ने स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की गाथाओं को प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया। कलाकारों की दमदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावुक कर दिया और पूरा परिसर देशभक्ति के नारों तथा तालियों की गूंज से भर उठा।
वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता का प्रेरक मंत्र रहा है। इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम में सभासद ओमप्रकाश सैनी, ममता, अमित बंसल, स्वाति वर्मा, बीआरसी विक्रम सैनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नाट्य प्रस्तुति में रिहान शाह, आरव क्षेत्री, दीक्षा यादव, अविराज, लविश, पारस, कुणाल, रिदा, हिंदुस्तान सिंह, रुद्राक्ष, जितेंद्र, गौरव, अंकित, अनमोल, वीरेन, रोहन, शानू, देव, हुमैरा, अबुजर, शिफा, आहद, अल्तमश, फराह, योगेश पंवार, के.के. गर्ग, करण सिंह, योगेंद्र कांबोज, मीनाक्षी कांबोज, बबीता कांबोज, नसीम, सोनिया, कमलेश, गुरदीप और दीपा धीमान सहित अनेक कलाकारों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का सफल संयोजन शिक्षिका अंजली आर्य ने किया। उपस्थित लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए ऐसे आयोजन निरंतर कराने की आवश्यकता पर बल दिया।








