शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर में संचालित प्रभु जी की रसोई में गुरुवार को सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायी आयोजन हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विभाग प्रचारक कुलदीप जी एवं सहारनपुर के महापौर डॉ. अजय सिंह दोपहर करीब एक बजे प्रभु जी की रसोई पहुंचे, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान दोनों अतिथियों ने जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को अपने हाथों से भोजन परोसकर मानव सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु जी की रसोई के सचिव शीतल टंडन द्वारा महापौर डॉ. अजय सिंह के स्वागत एवं सम्मान से हुई। उन्होंने महापौर को अंगवस्त्र ओढ़ाकर, श्रीराम दरबार का चित्र, एक पुस्तक तथा स्मृति स्वरूप पेन भेंट किया। इसके बाद महापौर डॉ. अजय सिंह के करकमलों से आरएसएस के विभाग प्रचारक कुलदीप जी को अंगवस्त्र पहनाकर, श्रीराम दरबार का चित्र, पुस्तक एवं पेन भेंट कर सम्मानित कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अतिथियों का स्वागत शीतल टंडन एवं संजय कर्नल मिड्ढा ने पटका पहनाकर किया।
सम्मान समारोह के उपरांत महापौर डॉ. अजय सिंह और विभाग प्रचारक कुलदीप जी ने प्रभु जी की रसोई में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों को अपने हाथों से भोजन परोसा। उन्होंने भोजन ग्रहण कर रहे लोगों का कुशलक्षेम जाना तथा सेवा कार्यों में लगे स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन भी किया।
इस अवसर पर आरएसएस के विभाग प्रचारक कुलदीप जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को ईश्वर की उपासना के समान माना गया है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहयोग पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रभु जी की रसोई जैसे सेवा प्रकल्प समाज में संवेदनशीलता, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे सेवा कार्य युवाओं को समाज के प्रति अपने दायित्व का बोध भी कराते हैं।
महापौर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा है। उन्होंने प्रभु जी की रसोई द्वारा लगातार किए जा रहे जनसेवा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक सम्मानपूर्वक भोजन पहुंचाना अत्यंत पुण्य का कार्य है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर निगम ऐसे सामाजिक और सेवा कार्यों में हरसंभव सहयोग देता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रभु जी की रसोई के सचिव शीतल टंडन ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य किसी भी जरूरतमंद को भूखा नहीं रहने देना है। समाज के सहयोग से यह सेवा अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भी इसी समर्पण एवं निष्ठा के साथ जारी रहेगा।
संजय कर्नल मिड्ढा ने कहा कि सेवा, सहयोग और संस्कार भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। प्रभु जी की रसोई वर्षों से इसी भावना के साथ मानव सेवा का कार्य कर रही है और आगे भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
इस अवसर पर संघ के महानगर संघचालक अशोक बंसल, विभाग कार्यवाह अरविंद जी, महानगर विद्यार्थी प्रचारक आयुष जी, नगर प्रचारक सत्यम, सह नगर कार्यवाह विपिन सलूजा, सिद्धार्थ जैन, रमेश डाबर, सुदेश डाबर, मुरली खन्ना सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने प्रभु जी की रसोई के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज में सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी अभियान बताया।








