Saharanpur News: जल संरक्षण को आदत बनाएं, तभी सुरक्षित रहेगा भविष्य – महापौर डॉ. अजय कुमार

सहारनपुर में भूगर्भ जल सप्ताह की शुरुआत महापौर डॉ. अजय कुमार और नगरायुक्त शिपू गिरि ने पौधारोपण व जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर की। जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन अपनाने की अपील की गई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। नगर निगम, भूगर्भ जल विभाग सहारनपुर तथा आईटीसी मिशन सुनहरा कल के सहयोग से उमंग सेवा समिति द्वारा भूगर्भ जल सप्ताह के अंतर्गत जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह एवं नगरायुक्त शिपू गिरि ने पौधारोपण कर तथा जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया। यह जागरूकता अभियान 22 जुलाई तक विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और मानव जीवन का मूल आधार भी। उन्होंने कहा कि लगातार गिरता भूगर्भ जल स्तर भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। यदि आज जल संरक्षण के प्रति समाज जागरूक नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना करना पड़ेगा।

महापौर ने लोगों से वर्षा जल संचयन को अपनाने, जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने, अनावश्यक जल बर्बादी रोकने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण से भूगर्भ जल का पुनर्भरण होता है और पर्यावरण भी संतुलित रहता है। उन्होंने कहा कि “जल बचेगा, तभी जीवन बचेगा” और जल संरक्षण को प्रत्येक नागरिक की दैनिक आदत बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अंतर्गत नगर निगम के शाकंभरी सभागार में एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें भूगर्भ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और गिरते जलस्तर को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए नगरायुक्त शिपू गिरि ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों का नहीं बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने, भूगर्भ जल का अनावश्यक दोहन रोकने तथा जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की जागरूकता ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की आधारशिला बनेगी।

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। जब तक समाज स्वयं इस दिशा में आगे नहीं आएगा, तब तक जल संकट का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा।

कार्यक्रम में भूगर्भ जल विभाग की अधिशासी अभियंता डॉ. नम्रता जायसवाल, कार्यक्रम समन्वयक प्रभाकर सिंह, आईटीसी मिशन सुनहरा कल के कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश, आर.सी. पाण्डेय, उमंग सेवा समिति के पदाधिकारी, स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

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