शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली फार्मर रजिस्ट्री (डिजिटल किसान डेटाबेस) योजना को गति देने के लिए जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में लंबित सभी फार्मर रजिस्ट्री का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को जनपद में फार्मर रजिस्ट्री की वर्तमान प्रगति से अवगत कराया। बताया गया कि सहारनपुर में 3,44,019 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 2,84,189 किसानों की डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है, जबकि 59,830 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। इस प्रकार जनपद की उपलब्धि 82.61 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
जिलाधिकारी ने इस प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण की गति बढ़ाएं, ताकि सहारनपुर की उपलब्धि राज्य के औसत से भी बेहतर हो सके।
उन्होंने कहा कि डिजिटल किसान आईडी भविष्य में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लिया जाए और किसी भी पात्र किसान का पंजीकरण छूटने न पाए।
जिलाधिकारी ने बहु-विभागीय टीमों को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि अतिरिक्त मैनपावर का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को दैनिक लक्ष्य (डेली टारगेट) निर्धारित कर कार्य करने और प्रतिदिन उसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीम भावना और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर ही निर्धारित समय में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संतोष बहादुर सिंह, पीडी डीआरडीए प्रणय कृष्ण, उप कृषि निदेशक संदीप पाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि फार्मर रजिस्ट्री अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।








