शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर के बहुचर्चित कलक्ट्रेट स्थित मस्जिद प्रकरण में नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मस्जिद को सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण माना है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कलक्ट्रेट परिसर की सरकारी भूमि पर 315 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया गया है। न्यायालय ने संबंधित पक्ष को 30 दिन के भीतर निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकारी भूमि के अवैध उपयोग और कब्जे के मामले में 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने का भी आदेश दिया गया है।
यह मामला वर्ष 2025 में सामने आया था, जब बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जिला प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि कलक्ट्रेट परिसर की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि परिसर में बने डाकघर और अन्य कमरों का किराया भी मस्जिद कमेटी द्वारा वसूला जा रहा है।
शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच के आधार पर 16 अप्रैल 2025 को नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया गया। मामला खसरा संख्या 539, मोहल्ला पठानपुरा स्थित कलक्ट्रेट परिसर की 315 वर्गमीटर सरकारी भूमि से संबंधित था।
सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से राजस्व अभिलेख प्रस्तुत किए गए, जिनमें संबंधित भूमि को कचहरी एवं कलक्ट्रेट परिसर की सरकारी भूमि बताया गया। प्रशासन का पक्ष जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) अजय त्यागी, जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) विनय चौहान तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश त्यागी ने रखा।
वहीं प्रतिवादी पक्ष ने अदालत में दावा किया कि मस्जिद वर्ष 1947 से पहले से मौजूद है। हालांकि, अदालत के समक्ष इस दावे के समर्थन में कोई वैध स्वामित्व दस्तावेज अथवा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध निर्माण मानते हुए 30 दिनों के भीतर हटाने का आदेश पारित किया।
अदालत ने आदेश में यह भी कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा और उपयोग के कारण संबंधित पक्ष से 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की वसूली की जाएगी। फैसले के बाद देर शाम प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर मस्जिद पर न्यायालय का नोटिस भी चस्पा कर दिया।
दूसरी ओर, मस्जिद के मुतवल्ली तनवीर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अभी तक न्यायालय के आदेश की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की प्रति मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण का यह फैसला सहारनपुर के सबसे चर्चित प्रशासनिक और राजस्व मामलों में से एक माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित पक्ष न्यायालय के आदेश का पालन करता है या उच्च न्यायालय में इसके विरुद्ध अपील करता है।








