शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर (दैनिक शहरी चौपाल) । नुमाइश कैंप क्षेत्र में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकाली गई। स्वामी मंगला नंद महाराज के सानिध्य और रथ यात्रा संयोजक विजयकांत चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के जयघोष के साथ रथ की रस्सी खींची और धर्मलाभ अर्जित किया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भगवान जगन्नाथ का पुष्पवर्षा, आरती और 56 भोग अर्पित कर भव्य स्वागत किया गया।
रथ यात्रा का शुभारंभ चमन पैलेस से विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलराम के विग्रहों को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर यात्रा रवाना की गई। जैसे ही रथ यात्रा आगे बढ़ी, पूरा क्षेत्र “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पूरे मार्ग में भगवान के दर्शन करते रहे।
यात्रा चमन पैलेस से प्रारंभ होकर भारत माता चौक, श्री दयाल मंदिर, श्री नंगली मंदिर होते हुए श्री करुणा बिहारी मंदिर, गोपाल नगर पहुंची। मार्ग में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा रथ यात्रा का स्वागत किया गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, आरती उतारी तथा भगवान को छप्पन भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय और प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर स्वामी मंगला नंद महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, समरसता और भक्ति का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान के रथ के दर्शन और उसकी रस्सी को खींचने का सौभाग्य प्राप्त होना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इससे भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
उन्होंने बताया कि भगवान जगन्नाथ का 17 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री करुणा बिहारी मंदिर, गोपाल नगर में प्रवास रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक संकीर्तन, भजन, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सहभागिता का आह्वान किया गया।
रथ यात्रा संयोजक विजयकांत चौहान ने सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यात्रा शांतिपूर्ण, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था को और मजबूत करते हैं।
यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, बच्चे, संत-महात्मा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।








