शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को 30 दिन के भीतर हटाने के नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद सहारनपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद जुम्मे की नमाज अदा करने कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद पहुंचे। नमाज के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट के फैसले पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आदेश उन्हें न्यायिक से अधिक प्रशासनिक प्रतीत होता है और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि मस्जिद पक्ष स्वामित्व (मल्कियत) के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जबकि प्रशासन के पास भी भूमि के स्वामित्व का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित भूमि की खतौनी पहले पठानपुरा के एक पुराने जमींदार के नाम दर्ज रही है तथा खसरा संख्या 539 की भूमि कलेक्ट्रेट निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई थी। उनके अनुसार उसी परिसर में मंदिर और मस्जिद दोनों का निर्माण हुआ था और यह स्थानीय लोगों की निजी धार्मिक संपत्ति का हिस्सा है।
इमरान मसूद ने कहा कि मस्जिद के समर्थन में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1911 का बिजली कनेक्शन, डाकघर से संबंधित पंजीकृत किरायानामा और अन्य अभिलेख भी रिकॉर्ड पर रखे गए, लेकिन निर्णय में उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया। उनका आरोप था कि उपलब्ध साक्ष्यों की समुचित समीक्षा किए बिना आदेश पारित किया गया है।
सांसद ने कहा कि मस्जिद को हटाने के निर्देश और क्षतिपूर्ति की कार्रवाई कानूनी कसौटी पर टिक नहीं पाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद प्रबंधन सक्षम न्यायालय में अपील करेगा और सभी तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष मजबूती से रखेगा।
इमरान मसूद ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उच्च न्यायालय में निष्पक्ष सुनवाई के बाद न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़ाया जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण मानते हुए 30 दिनों के भीतर हटाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सरकारी भूमि के उपयोग के संबंध में क्षतिपूर्ति वसूली के निर्देश भी दिए हैं। आदेश के बाद प्रशासन ने मस्जिद पर नोटिस चस्पा कर दिया है। इस फैसले के बाद जहां शिकायतकर्ता पक्ष अदालत के आदेश के तत्काल पालन की मांग कर रहा है, वहीं मस्जिद प्रबंधन और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देने का निर्णय लिया है।
इस घटनाक्रम के बाद कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण कानूनी विवाद के साथ-साथ सहारनपुर की राजनीति का भी प्रमुख मुद्दा बन गया है। अब सभी की निगाहें उच्च न्यायालय में होने वाली अगली कानूनी कार्रवाई और प्रशासन के आगामी कदमों पर टिकी हैं।








