शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर ( दैनिक शहरी चौपाल) । जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने की, जिसमें स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बैठक में समिति के सचिव एवं एआरटीओ (प्रवर्तन) ने जानकारी दी कि जनपद में 163 स्कूली वाहन अपनी 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं। इन वाहनों को पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके हैं तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा-53 के तहत उनके पंजीकरण को जुलाई 2026 में निलंबित किया गया है।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नियमानुसार नोटिस और निलंबन की छह माह की अवधि पूरी होने के बाद ऐसे सभी वाहनों का मोटर वाहन अधिनियम की धारा-54 के अंतर्गत पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देशित किया गया कि जिन विद्यालयों के वाहन बिना फिटनेस या वैध परमिट के संचालित हो रहे हैं, उन्हें तत्काल मानकों के अनुरूप वाहन संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाएं। यदि कोई विद्यालय नियमों की अनदेखी करता है तो उसके विरुद्ध मान्यता संबंधी विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिए गए। मुख्य मार्गों पर स्थित सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की सूची लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यालयों के सामने स्पीड टेबल, चेतावनी संकेतक, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय समयबद्ध तरीके से विकसित किए जा सकें।
अपर जिलाधिकारी ने एआरटीओ (प्रशासन) को निर्देश दिए कि जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस या परमिट समाप्त हो चुके हैं, उनकी थानेवार सूची पुलिस अधीक्षक (यातायात) को उपलब्ध कराई जाए, जिससे उनके विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जा सके।
बैठक में नाबालिग छात्र-छात्राओं द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। अपर जिलाधिकारी ने यातायात पुलिस को विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो उसके अभिभावकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, नगर निगम के अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, एआरटीओ (प्रशासन) मानवेन्द्र प्रताप सिंह, यातायात निरीक्षक अमित तोमर तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








