Saharanpur News: 2027 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारेगा पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा, सहारनपुर में भगत सिंह वर्मा का बड़ा ऐलान

सहारनपुर में पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा ने 2027 विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया। राष्ट्रीय संयोजक भगत सिंह वर्मा ने अलग पश्चिम प्रदेश, मेरठ को राजधानी, रोजगार, शिक्षा और विकास को लेकर अपनी रणनीति साझा की।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर (दैनिक शहरी चौपाल) । पश्चिम प्रदेश निर्माण संयुक्त मोर्चा ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान करते हुए पृथक पश्चिम प्रदेश के आंदोलन को तेज करने की घोषणा की है। रविवार को कोर्ट रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री शिक्षा संस्थान में आयोजित प्रेस वार्ता में मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि अलग पश्चिम प्रदेश का गठन ही क्षेत्र के समग्र विकास, बेहतर प्रशासन और रोजगार की दिशा में प्रभावी कदम साबित होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश ही नहीं, दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक राज्यों में शामिल है। इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य में कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिले प्रदेश को लगभग 80 प्रतिशत राजस्व देते हैं, लेकिन विकास योजनाओं में इस क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

मोर्चा के केंद्रीय महासचिव कर्नल सुधीर एवं सत्यपाल सिंह यादव ने कहा कि पृथक पश्चिम प्रदेश के निर्माण के लिए अब जनआंदोलन के साथ-साथ राजनीतिक स्तर पर भी संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में संयुक्त मोर्चा अपने प्रत्याशी उतारकर जनता के बीच जाएगा और “वोट की चोट” से अलग राज्य की मांग को मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि पृथक राज्य बनने पर मेरठ को राजधानी बनाया जाएगा तथा हाईकोर्ट की स्थापना भी यहीं होगी।

उन्होंने दावा किया कि नए राज्य में एम्स, आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे। साथ ही बड़े उद्योगों की स्थापना से युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।

राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अशोक मलिक एवं मंडल अध्यक्ष साबिर अली ने कहा कि जनता ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन की उम्मीद की थी, लेकिन सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार अब भी गंभीर चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों के गठन से प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ती है और विकास को गति मिलती है। हरियाणा, उत्तराखंड और तेलंगाना जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम प्रदेश बनने से क्षेत्र का संतुलित विकास संभव होगा।

मोर्चा के नेताओं ने बताया कि पृथक पश्चिम प्रदेश की मांग को लेकर गांव-गांव, नगर-नगर और जिला मुख्यालयों पर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। साथ ही वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल, प्रदेश सचिव एवं मंडल प्रभारी डॉ. अब्दुल खालिक, महानगर प्रभारी अब्दुल सत्तार, अनिल सचदेवा, चौधरी रामचंद्र, अभिनेत्री उर्मिला सनावर सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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