Saharanpur News: बुढेडा में आईटीसी मिशन सुनहरा कल के तहत तालाब का लोकार्पण, जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान

सहारनपुर के ग्राम बुढेडा में आईटीसी मिशन सुनहरा कल के तहत निर्मित तालाब का लोकार्पण किया गया। भूजल सप्ताह समापन पर आयोजित कार्यशाला में ग्रामीणों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और सोक पिट निर्माण का संदेश दिया गया।

धर्मेंद्र कुमार अनमोल

सहारनपुर , दैनिक शहरी चौपाल । जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बुढेडा में आईटीसी मिशन सुनहरा कल के अंतर्गत निर्मित तालाब का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ए.डी.ओ. संजय कुमार ने तालाब का उद्घाटन करते हुए जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और ग्रामीणों से इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का आयोजन भूजल सप्ताह के समापन अवसर पर किया गया, जिसमें ग्रामीणों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन पानी संस्थान की टीम द्वारा किया गया, जबकि इसमें WASH Institute और आईटीसी मिशन सुनहरा कल के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

ए.डी.ओ. संजय कुमार ने कहा कि तेजी से गिरता भूजल स्तर भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। यदि आज जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पानी की एक-एक बूंद को बचाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करे।

उन्होंने आईटीसी मिशन सुनहरा कल, पानी संस्थान एवं WASH Institute द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, तालाब निर्माण और जनजागरूकता के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को बताया कि घरों, हैंडपंपों तथा अन्य जल स्रोतों के आसपास सोक पिट बनाकर बहने वाले पानी को जमीन में उतारा जा सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होता है और वर्षा जल का बेहतर उपयोग संभव हो पाता है। इसके अलावा वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग तथा अनावश्यक बर्बादी रोकने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।

कार्यशाला में मौजूद ग्रामीणों ने जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने और गांव में अधिक से अधिक जल संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही जल संकट का स्थायी समाधान संभव है।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान सहित गांव के गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 78 प्रतिभागियों ने भाग लिया और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश प्राप्त किया।

कार्यक्रम में आईटीसी मिशन सुनहरा कल से प्रकाश, WASH Institute से बीरभान, तथा पानी संस्थान के दीपक शर्मा, कनिष्क, विवेक, राहुल, आलोक, वसीम, सुभाष और मोहित सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने ग्रामीणों से जल संरक्षण अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर वर्षा जल संचयन, तालाब संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाए, तो भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्रामीणों ने भी भरोसा दिलाया कि वे गांव में जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग देंगे।

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