शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। सहारनपुर जनपद के नकुड़ नगर की सांस्कृतिक धरोहर माने जाने वाले ऐतिहासिक रामलीला भवन के विकास, विस्तार, जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन के अनु सचिव द्वारा संस्कृति निदेशालय को पत्र जारी कर कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे नगरवासियों में खुशी का माहौल है और लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी ने प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात कर रामलीला भवन के विकास और सौंदर्यीकरण की मांग उठाई थी। विधायक ने इस ऐतिहासिक स्थल को सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इसके संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किए जाने का आग्रह किया था।
इस मांग को स्थानीय स्तर पर भी व्यापक समर्थन मिला। रामलीला कमेटी नकुड़ तथा नगर पालिका अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने भी शासन के समक्ष रामलीला भवन के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखते हुए इसे नगर की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय बताया था। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों के बाद शासन स्तर पर परियोजना को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
अब शासन के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण एवं विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। प्रस्तावित योजना के तहत रामलीला भवन परिसर का आधुनिक स्वरूप में सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, मंच और दर्शक दीर्घा का विकास, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था तथा सांस्कृतिक आयोजनों के अनुरूप आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए जाने की संभावना है।
विधायक मुकेश चौधरी ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रामलीला भवन केवल एक आयोजन स्थल नहीं, बल्कि नकुड़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसके विकास से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी तथा नगर की पहचान और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद यहां बड़े स्तर के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
स्थानीय नागरिकों और रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने भी शासन के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्षों से इस ऐतिहासिक स्थल के विकास की मांग की जा रही थी। अब सौंदर्यीकरण होने से न केवल नगर की सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होगी, बल्कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी परंपराओं से जुड़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नगरवासियों का मानना है कि रामलीला भवन का विकास नकुड़ के सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई दिशा देगा और क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को प्रदेश स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी।








